जानिए ,परिणीति चोपड़ा के फिटनेस का ये राज

जानिए ,परिणीति चोपड़ा के फिटनेस का ये राज

आज परिणीति चोपड़ा हर निर्माता-निर्देशक की खास पसंद बन चुकी हैं. उनके लिए अब तक का यह सफर सरल तो बिल्कुल भी नहीं था, लेकिन उन्होंने उस मुकाम को हासिल किया, जहां उनकी अपनी अलग पहचान है. उनके फिल्मी सफर व फिटनेस पर उनसे बात की साक्षी त्रिपाठी ने-

अब तक का आपका सफर कैसा रहा?
अब तक का सफर सरल तो नहीं था, लेकिन मजेदार अवश्य रहा. यह मजेदार सफर अभी भी जारी है. मैं मानती हूं कि मंजिल अभी बहुत दूर है. वैसे अब तक रास्ते में आई हर कठिन का मैंने सामना किया, जिसमें मेरे परिवार व शुभचिंतकों का बड़ा योगदान रहा. दरअसल जब मैंने इस इंडस्ट्री में अपना करियर बनाने के बारे में सोचा, तभी मैंने तय कर लिया कि चाहे कुछ भी हो, मैं पराजय नहीं मानने वाली व न ही मुझे पीछे हटना है. अगर कभी मुश्किलें आईं भी, तो मैंने उनका सामना किया. आज मैं जिस मुकाम पर हूं, वहां पहुंचने में मेरे अपनों का सबसे अधिक योगदान रहा.

अब किन बातों का खास ख्याल रखना पड़ता है?
मैं उस इंडस्ट्री का भाग हूं, जहां पर पे्रजेंटेबल दिखना सबसे पहली शर्त होती है. इसलिए यहां पर कार्य करने के लिए बहुत सारी बातों का ख्याल रखना पड़ता है. सबसे ज्यादा लुक पर फोकस होता है, क्योंकि पर्दे पर हम जो भी भूमिका निभाते हैं, उसके अनुसार दिखना व उसमें समाहित हो जाना हमारे कार्य की पहली आवश्यकता होती है. उसके बाद हमें अपनी फिटनेस से लेकर हर बात पर ध्यान देना पडता है, क्योंकि हर भूमिका का एक चेहरा व एक सोच होती है व उसकी अपनी आवश्यकता होती है. इसलिए उसके अनुसार हमें खुद को ढालना पड़ता है व पूरी प्रयास होती है कि पर्दे पर हम अपने भूमिका के साथ पूरा न्याय कर सकें.

इन सबके लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है?
हां, कड़ी मेहनत होती है व साथ में भूमिका को लेकर जागरूक भी रहना पड़ता है. अगर मुझे एक खिलाड़ी का भूमिका निभाना है, तो उसके जैसे शरीर की जरूरत होती है व जब घरेलू लड़की का भूमिका होता है, तो वैसा दिखना पड़ता है. इन सबके लिए फिटनेस महत्वपूर्ण है. हमें फिटनेस का खास ध्यान रखना पड़ता है, क्योंकि फिटनेस हमें इन सारी चुनौतियों से लड़ना सिखाती है. मैं अपने खाने से लेकर व्यायाम तक हर बात का ख्याल रखती हूं. ध्यान रखती  हूं कि दिन भर में जितनी कैलोरी इनटेक करूं, वह बर्न हो जाए. वैसे भी फिट रहना सभी के लिए आवश्यक है, क्योंकि इससे कार्य की क्षमता  बढ़ती है, जिससे हम बेहतर परफॉर्म कर पाते हैं.

आपका फिटनेस मंत्र क्या है?
मेरी फिटनेस का राज मेरी सकारात्मक सोच व अनुशासन है. मेरा मानना है कि जहां अनुशासन हमारे कार्य को बेहतर बनाता है व हम सारे कामों के लिए समय भी निकाल पाते हैं, वहीं बेहतर सोच हमें एक अच्छा इंसान बनाती है. इनका प्रभाव हमारे सारे व्यक्तित्व पर पड़ता है. अगर हम गलत सोच के साथ आगे बढ़ते हैं, तो उसका भी प्रभाव हमारे व्यक्तित्व पर दिखाई देता है. जब हम सकारात्मक व ठीक होते हैं, तो भले ही मुश्किलें आएं, पर चेहरे के साथ सारे व्यक्तित्व पर अलग ही चमक दिखती है.

तन व मन को कैसे फिट रखती हैं?
मैं अपने शरीर को फिट रखने के लिए व्यायाम करती हूं. प्रातः काल उठकर जॉगिंग करती हूं, डांस करती हूं, जिम जाती हूं व अपनी डायट का पूरा ख्याल रखती हूं. मेंटल फिटनेस के लिए योग करती हूं. सकारात्मक व ठीक सोच के साथ अपना कार्य करती रहती हूं. मानसिक खुशी के लिए कई बार मस्ती भी करती हूं. इससे तन-मन फिट बना रहता है.  

छुट्टियों में क्या-क्या करना अच्छा लगता है?
मुझे गानों का बहुत शौक है. जब भी मौका मिलता है, मैं गाने सुनना पसंद करती हूं. इससे जहां मेरा मूड बेहतर होता है, वहीं मुझे शांति का भी एहसास होता है. फैमिली के साथ वक्त बिताना व फिल्में देखना भी मुझे बहुत अच्छा लगता है. दोस्तों के साथ क्वॉलिटी टाइम बिताती हूं. कुल मिलाकर आप कह सकती हैं कि छुट्टी के दिन हर वह कार्य करने की प्रयास करती हूं, जो मुझे करना अच्छा लगता है व जिससे मेरे मन को संतोष मिलता है. जब लंबी छुट्टियां मिलती हैं, तो दूर कहीं प्रकृति की खोज में निकल जाती  हूं. यानी मैं सैर-सपाटे पर निकल पड़ती हूं, जहां से लौटने पर बहुत ज्यादा ऊर्जा अपने भीतर महसूस करती हूं.

खुद की नजर में परिणीति कैसी हैं?
मेरी नजर में परिणीति बहुत ही सीधी व हेप्पी गो लकी टाइप की लड़की है, जो कई छोटी-छोटी बातों से खुश हो जाती है व कई बार छोटी-छोटी बातें उसके दिल को दुखाती भी हैं. लेकिन जल्दी ही वह सब भूलकर वापस जिंदगी की तरफ लौट आती है. वह अपने ज़िंदगी के अनुभव से एक ही बात सीख पाई है कि हर घटना में या हर बात में कहीं ना कहीं हमारी भलाई छिपी रहती है. कई बार उस समय वह बात नहीं दिखती, लेकिन बाद में उसमें छिपी खासियत का एहसास होता ही है. बात, परिणीति मानती है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता. उसका एकमात्र रास्ता ईमानदारी से की गई मेहनत है.