बाकी लोगों की तुलना में आकार में छोटा होता है अपराधियों का दिमाग, वजह हैरान करने वाली

बाकी लोगों की तुलना में आकार में छोटा होता है अपराधियों का दिमाग, वजह हैरान करने वाली

उग्र, झगड़ालू व क्राइम में लिप्त लोगों की मनोवृत्ति को पढ़ने की प्रयास लंबे समय से होती रही है व इस जद्दोजहद में लगे शोधकर्ताओं को बड़ी कामयाबी मिली है. असल में लंदन विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने एक शोध पाया है कि असामाजिक व्यवहार करने वाले लोगों के मस्तिष्क का आकार सामान्य इंसान के मुकाबले छोटा होता है. 

प्रतिष्ठित पत्रिका लैंसेट में यह शोध प्रकाशित हुआ है. वैज्ञानिकों का बोलना है कि इससे मनोवैज्ञानिकों, चिकित्सकों को यह पता लगाने में सरलता होगी कि कौन से वजहें किसी को क्रिमिनल बनाती हैं व ऐसे बच्चों को कैसे खूंखार क्रिमिनल बनने से बचाया जा सकता है.

लंदन विश्वविद्यालय के शोधार्थियों ने 45 की आयु के 7000 लोगों के मस्तिष्क का अध्ययन किया. इसमें एक तिहाई लोगों का लड़ाई-झगड़े या अपराधों में लिप्त होने का लंबा इतिहास था व उनके मस्तिष्क का आकार छोटा व पतला था. इनमें से कई ऐसे हिस्से शामिल हैं, जो किसी आदमी के व्यवहार व भावनाओं का नियंत्रण करते हैं. 

बचपन से हिंसक प्रवृत्ति-
वैज्ञानिकों ने ऐसे लोगों के आपराधिक रिकॉर्ड की जाँच के बाद उनके स्कूल शिक्षकों से बात की. इसमें 672 ऐसे प्रतिभागी मिले जो बचपन में दूसरे बच्चों को काट लेते थे या दूसरी तरह की हिंसा करते थे. वयस्क होने पर इन लोगों घरों में हिंसा प्रारम्भ कर दी. ऐसे युवकों के 45 वर्ष के होने पर उनका एमआरआई कराया गया.  

ये अध्ययन भी चौंकाने वाले-
56 की आयु में 27 वर्ष के युवक जैसे था जॉब्स का दिमाग-

अगर योग-साधना की जाए तो मस्तिष्क आयु के साथ बूढ़ा नहीं जवान होता है. इसका सबसे बेहतर उदाहरण एप्पल के सीईओ रहे स्टीव जॉब्स हैं. 56 वर्ष की आयु में जब कैंसर से उनकी मृत्यु हुई तो उनके मस्तिष्क की जाँच की गई व पाया गया कि यह 27 वर्ष के युवक जितना तेज व सक्रिय था. वजह यह थी कि जॉब्स कई वर्ष से रोज बहुत ज्यादा वक्त ध्यान, योग साधना में बिताते थे. मैसाच्युसेट्स जनरल हॉस्पिटल व हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के शोध में यह तथ्य सामने आया. 

एरोबिक व्यायाम से बढ़ता है दिमाग-  
2017 में साइंस पत्रिका में प्रकाशित हुए एक अध्ययन के अनुसार, अगर रोज एरोबिक व्यायाम किया जाए तो मस्तिष्क की प्रक्रियाओं और स्मृति के लिए जिम्मेदार भाग मजबूत होते हैं.