जानिए, हमें क्यों नहीं खाना चाहिए किसी का झूठा खाना

जानिए,  हमें क्यों नहीं खाना चाहिए किसी का झूठा खाना

हमारे शास्त्रों में कहा गया है की किसी भी इंसान का झूठा खाने से आप के शरीर में उनके नाकारात्मक विचार आ जाते हैं। जिससे आपका स्वभाव भी सामने वाले व्यक्ति की तरह ही पूरी तरह हो जाता हैं। हम चाहे अपने भाई का झूठा खाएं या फिर अपने दोस्त का या फिर अपने माता पिता का, झूठा खाने से हमारे स्वभाव में कई तरह के महत्वपूर्ण बदलाव आ ही जाते हैं।



झूठा खाना खाने के अंजाम:

असुखी जीवन: किसी का झूठा खाना खाने से आपके सुखों में बहुत अधिक कमी आती है। शास्त्रों में कहा गया है। किसी के साथ खाना शेयर करने या किसी का झूठा खाने से आपके सुखों में अत्यधिक कमी आती हैं।

घर में कलेश: आप मानें या ना मानें लेकिन आप अगर किसी का झूठा खाना खाते हैं तो इससे आपके घर परिवार पर बहुत गहरा असर पड़ता है। किसी का झूठा खाकर आपके घर में कलेश होना स्वाभाविक है।

अशुद्ध विचार: यह बात तो स्वाभाविक है कि जिस इंसान का झूठा आप खा रहे हैं, उसके अशुद्ध विचार आपके मन में अवश्य आते हैं। जिससे आप के मन मतिष्क में उनकी नाकारात्मक बाते पूरी तरह उतर जाती है।