क्या आपको बार-बार आती है छींक?

क्या आपको बार-बार आती है छींक?

दिन में कभी भी छींक आना एक नॉर्मल प्रक्रिया है। हालांकि कई बार ये कठिनाई का कारण भी बन जाता है। सर्दी-जुकाम के दौरान छींक आना एक आम बात है (जब तक ये गंभीर न हो) क्‍योंकि सामान्‍य सर्दी-जुकाम समय के साथ अच्छा हो जाता है। वैसे कई बार छींक आने के पीछे कोई गंभीर समस्‍या हो सकती है, जो आपको लंबे समय तक प्रभावित कर सकती है। क्या आपके साथ अक्सर ऐसा होता है कि आपको कभी भी छींक आ जाती है। आप कहीं पर भी छींकने लगते हैं? यह बहुत चिंताजनक नहीं है क्योंकि यह बहुत सामान्य है व यह बहुत से लोगों के साथ ऐसा होता है। ऐसे कई कारण हैं जो छींक को बढ़ावा देते हैं। आइए आपको बताते हैं कि छींक आने के पीछे क्या कारण होता है।

मौसमी एलर्जी
मौसमी एलर्जी को एलर्जिक राइनाइटिस बोला जाता है। यह घर की धूल, जानवरों के बालों व फंगल बैक्‍टीरिया के प्रति अति संवेदनशील होते हैं। यहां तक कि किसी के तकिए या बिस्तर से भी एलर्जी हो सकती है। जब आप सोते हैं तो लक्षण बढ़ जाते हैं क्योंकि आपकी नाक का मार्ग लंबे समय तक सोने के दौरान इन कारकों को ट्रिगर करने में महत्‍वपूर्ण किरदार निभाता है।

क्या आपका कमरा ड्राई है?
एयर कंडीशन की वजह से ड्राई नोज की समस्‍या हो सकती है। लंबे समय तक एयर कंडीशनर वाले रूम में बैठने के कारण शरीर में शुष्‍कता बढ़ती है। यह छींक आने का एक बड़ा कारण होने कि सम्भावना है।

क्या आपको साइनस है?
साइनस (sinus) की वजह से नाक के अंदर एक लाइनिंग होती है, उसको नैजल लाइनिंग बोलते हैं उसमें समस्या होती है, जिसकी वजह से नाक से म्‍यूकस निकलता है व हल्का दर्द होता है। यह भी छींक का कारण बन सकता है।

वासोमोटर राइनाइटिस
वासोमोटर राइनाइटिस नाक के अंदर की झिल्लियों में एक प्रकार सूजन है। यह अक्सर तापमान में परिवर्तन या नींद के दौरान शरीर की इम्यूनिटी सिस्टम में परिवर्तन के बाद छींकने का कारण बनता है। यदि आपको भी यह समस्‍या है, तो आपको ठंडी/गर्म हवा के सम्पर्क में आने से छींक का कारण बन सकता है।