योशिहिडे सुगा को शिंजो आबे का उत्तराधिकारी चुना गया

योशिहिडे सुगा को शिंजो आबे का उत्तराधिकारी चुना गया

योशिहिडे सुगा का जापान के नए प्रधानमंत्री नियुक्त किए जाने का रास्ता साफ हो गया है। सुगा को जापान की लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (एलडीपी) का नेता चुना गया है, जो उनके लिए देश का अगला प्रधानमंत्री बनने का मार्ग प्रशस्त करती है। 

सुगा को प्रधानमंत्री शिंजो आबे का उत्तराधिकारी चुना गया है। उन्होंने सोमवार को बेहद ही आसानी से आंतरिक वोट में जीत हासिल। गौरतलब है कि आबे ने स्वास्थ्य समस्याओं के कारण पद छोड़ने का एलान किया था। वर्तमान में मुख्य कैबिनेट सचिव सुगा को 534 में 377 वोट हासिल हुए। इस तरह उन्होंने अपने दो प्रतिद्वंदियों पूर्व रक्षा मंत्री शिगेरु इशिबा और पूर्व विदेश मंत्री फुमियो किशिदा के खिलाफ जीत हासिल की। 
सदन में एलडीपी के बहुमत को देखते हुए सुगा के बुधवार को संसदीय वोट जीतने और प्रधानमंत्री बनने की उम्मीद है। एक शक्तिशाली सरकारी सलाहकार और प्रवक्ता 71 वर्षीय सुगा को देश में स्थिरता लाने और आबे की नीतियों को जारी रखने वाले नेता के रूप में देखा जाता है। 

उन्होंने विशेष रूप से कहा है कि उनकी उम्मीदवारी प्रधानमंत्री आबे के कार्यक्रमों को जारी रखने की इच्छा से प्रेरित थी। जापानी लोगों के बीच प्रसिद्ध लेकिन अपनी पार्टी में पकड़कर नहीं रखने वाले इशिबा को केवल 68 वोट हासिल हुए। वहीं, किशिदा को 89 वोट हासिल हुए। एक वक्त तक किशिदा को आबे का उत्तराधिकारी माना जा रहा था। 

एक किसान के बेटे सुगा का पालन-पोषण जापान के उत्तरी अकिता क्षेत्र में हुआ था। सुगा को लेकर माना जाता है कि उनकी सबसे बड़ी चिंता ग्रामीण क्षेत्रों में जनसंख्या ह्रास का मुद्दा है, जिसपर वह प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद कार्य कर सकते हैं। 

प्रधानमंत्री के रूप में वह बहुत ही मुश्किल परिस्थितियों का सामना करेंगे, क्योंकि कोरोना वायरस से निपटने और दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था को सुचारू रूप से खड़ा रखना एक बड़ी चुनौती बनकर उभरेगा। 

गौरतलब है कि 65 साल के शिंजो आबे लंबे समय से पेट से जुड़ी बीमारी से जूझ रहे हैं। वे अगस्त महीने में दो बार अस्पताल जा चुके हैं। इसके बाद से ही जापानी मीडिया में उनके स्वास्थ्य को लेकर चर्चा चल रही थी।

स्थानीय मीडिया के अनुसार आबे नहीं चाहते थे कि उनकी सेहत के कारण सरकार के कामकाज पर किसी तरह का असर पड़े। इसी कारण उन्होंने 28 अगस्त को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पद छोड़ने की घोषणा कर दी। अगस्त महीने में ही आबे ने बतौर प्रधानमंत्री सात साल छह महीने का समय पूरा किया था।

आंत से जुड़ी बीमारी से जूझ रहे हैं आबे
शिंजो आबे लंबे समय से आंत से जुड़ी बीमारी अल्सरट्रेटिव कोलाइटिस से जूझ रहे हैं। इस बीमारी में आंत में सूजन जैसी समस्याएं होती हैं। इस बीमारी के कारण ही आबे को 2007 में पहली बार प्रधानमंत्री बनने के एक साल बाद इस्तीफा देना पड़ा था। अब वे नियमित इलाज के जरिए अपनी बीमारी को नियंत्रण में रखते हैं।