Coronavirus को लेकर WHO का चौकाने वाला बड़ा बयान

Coronavirus को लेकर WHO का चौकाने वाला बड़ा बयान

नई दिल्ली: कोरोना वायरस (Coronavirus) का कहर लगातार जारी है. हिंदुस्तान में कोरोना वायरस (Coronavirus in india) के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही हैं. हिंदुस्तान में पिछले 24 घंटों में 50,000 से ज्यादा नए मुद्दे सामने आए हैं. इस दौरान देश में 810 लोगों की मृत्यु (Death Due to Coronavirus) हो चुकी है. मृतकों का कुल आंकड़ा बढ़कर 38971 पहुंच गया है. वहीं कोरोना से संक्रमित लोगों का आंकड़ा 18 लाख के पार पहुंच गया है.

कोरोना वायरस की जंग से लड़ने के लिए संसार भर के वैज्ञानिक वैक्सीन की खोज में लगे हुए हैं. इस बीच दुनिया स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) डब्ल्यूएचओ (WHO) ने चेतावनी जारी करते हुए बताया कि महत्वपूर्ण नहीं है कि एक वैक्सीन से कोरोना वायरस महामारी समाप्त हो जाएगी. WHO के प्रमुख डॉ टेड्रोस एडोनोम गेब्रिएसस (Tedros adhanom) ने बोला कि उम्मीद है कि कोरोना वायरस की वैक्सीन (Covid-19 Vaccine) मिल जाए लेकिन अभी इसकी कोई रामवाण दवाई नहीं है व संभव है कि शायद कभी ना हो.

लंबी लड़ाई की करनी होगी तैयारी

WHO ने सोमवार को बोला है कि भले ही COVID-19 से बचने के लिए वैक्सीन (Coronavirus vaccine) बनाने की रेस तेज हो गई है, कोरोना वायरस के जवाब में कोई 'रामबाण' निवारण शायद कभी न निकल सके. WHO ने यह भी बोला है कि हिंदुस्तान जैसे राष्ट्रों में ट्रांसमिशन रेट बेहद है व अभी उन्हें बहुत ज्यादा लंबी लड़ाई के लिए तैयार रहना चाहिए.

हालात सामान्य होने में लगेगा वक्त

WHO के डायरेक्टर टेड्रोस ऐडनम (Tedros Adenum) ने एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोला है कि अभी इसका कोई पुख्ता उपचार नहीं है व शायद कभी होगा भी नहीं. उन्होंने यह भी बोला है कि अभी दशा सामान्य होने में व वक्त लग सकता है.

जानिए, इससे पहले क्या कह चुका है WHO

- टेड्रोस ने बोला था कि शायद कोरोना कभी ख़त्म ही ना हो व इसी के साथ जीना पड़े.
- इससे पहले टेड्रोस ने बोला था कि कोरोना दूसरे वायरस से बिल्कुल अलग है क्योंकि वह ख़ुद को बदलते रहता है.
- WHO प्रमुख ने बोला था कि मौसम बदलने से कोरोना पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि कोरोना मौसमी नहीं है.
- टेड्रोस ने बोला कि संसार भर के लोग कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग, हाथ का अच्छे से धोना व मास्क पहनने को नियम की तरह ले रहे हैं व इसे आगे भी जारी रखने की ज़रूरत है.