चाइना में कोरोना से होने वाले मौतों के आंकोड़ो पर खड़े हुए सवाल

चाइना में कोरोना से होने वाले मौतों के आंकोड़ो पर खड़े हुए सवाल

वाशिंगटन: यहां हर दिन बढ़ रहा कोरोना का प्रकोप आज इस कदर बढ़ चूका है। कि हर तरफ केवल तवाही का मंज़र देखने को मिल रहा है। जंहा अब तक इस वायरस से मरने वालों कि संख्या 17000 से अधिक हो चुकी है। वहीं संसार भर के देश कोरोना वायरस का संक्रमण झेल रहे हैं व अपने यहां इससे बचाव के बंदोवस्त करने में लगे हुए हैं। भारत, ब्रिटेन व अमेरिका सहित संसार भर के राष्ट्रों में लॉकडाउन की स्थिति है। जो जहां है उसे वहीं रहने के लिए बोला जा रहा है। सरकारें महत्वपूर्ण मेडिकल सुविधाएं मुहैया करा रही हैं मगर वो भी पर्याप्त नहीं है।

वहीं इस बात की जानकारी मिली है कि हिंदुस्तान के तमाम प्रदेश लॉकडाउन है। कुछ प्रदेशों में कर्फ्यू भी लगा दिया गया है जिससे लोग अपने घरों में रह सकें। चाइना के वुहान व हुबेई प्रांत से प्रारम्भ हुआ कोरोना ने अब पूरी संसार में दस्तक दे दी है, जिन राष्ट्रों ने वायरस से उबरने के लिए पहले तरीका कर लिए हैं वहां तो आंकड़ा कम है मगर इसमें भी धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो रही है।

जंहा यह भी बोला जा रहा है कि चाइना ने कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए जिस हिसाब से युद्ध स्तर पर कार्य प्रारम्भ किया था, उसको देखते हुए यही बोला जा रहा है कि ये संक्रमण इतना हल्का नहीं था। ना ही इससे मरने वालों की संख्या इतनी कम रही होगी। लेकिन भले ही सरकार ने अपनी फजीहत छिपाने के लिए आंकड़ों में खेल कर दिया हो मगर हकीकत कुछ व ही होगा। दशा बहुत अधिक बेकार हुए होंगे तभी नए अस्पताल बना दिए गए, सभी को घरों में कैद कर दिया गया। यदि वायरस का प्रकोप कम होता तो 24 घंटे चलने वाले शहरों में कभी लॉकडाउन की स्थिति नहीं बनती।