तालिबान और पाकिस्तान के संबंधों में आया तनाव, उड़ानों पर लगाई गई रोक

तालिबान और पाकिस्तान के संबंधों में आया तनाव, उड़ानों पर लगाई गई रोक

उड़ानों को लेकर तालिबान और पाकिस्तान सरकार के बीच तनातनी हो गई है। तालिबान ने पाकिस्तानी एयरलाइंस पर टिकट के दाम बेतहाशा बढ़ाने का आरोप लगाते हुए पीआइए पर प्रतिबंध लगाने की धमकी दी है। दूसरी ओर, पाकिस्तान की सरकारी एयरलाइंस पीआइए ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर काबुल की अपनी सभी उड़ानें स्थगित कर दी हैं। अफगानिस्तान के नागरिक उड्डयन प्रशासन ने कहा कि पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस (पीआइए) और अफगानी निजी एयरलाइंस काम एयर की काबुल और इस्लामाबाद के बीच उड़ानों को प्रतिबंधित कर दिया जाएगा, अगर पाकिस्तान सरकार ने हवाई टिकटों के दाम तालिबान शासन से पहले वाले नहीं किए।

काबुल- इस्लामाबाद के बीच उड़ानों के प्रति टिकट के दाम हैं ढाई हजार डालर

तालिबान सरकार का आरोप है कि उनके सत्ता में आने के बाद से पाकिस्तानी एयरलाइंस ने काबुल से इस्लामाबाद जाने के लिए अचानक टिकटों के दाम बढ़ाकर 2500 डालर कर दिए हैं, जबकि तालिबान के सत्ता में आने से पहले यह 120- 150 डालर था। अफगान प्रशासन ने एयरलाइंस पर नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए अफगानी लोगों से मदद मांगी है। साथ ही कहा कि नियमों का उल्लंघन किए जाने पर वह लिखित में एयरलाइंस की शिकायत उन्हें दें।


सुरक्षा कारणों से सभी उड़ानें स्थगित

वहीं, डान की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी एयरलाइंस पीआइए ने कहा कि सुरक्षा कारणों से उसने काबुल की अपनी सभी उड़ानें तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दी हैं। पाकिस्तानी एयरलाइंस के प्रवक्ता अब्दुल्ला खान ने कहा कि अगले आदेश तक काबुल की सभी उड़ानें स्थगित रहेंगी। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी काबुल और इस्लामाबाद के बीच उड़ानें बहाल रही थीं, जबकि बाकी सभी देशों ने अपनी उड़ानें रोक दी थीं। उन्होंने यह भी कहा कि तालिबान प्रशासन का उनकी उड़ानों के नियमों को लेकर दखलंदाजी करना काफी बढ़ गया है।


तालिबान का व्यवहार पाक अफसरों के साथ काफी डरावना

तालिबान के कब्जे के बाद एक लाख से अधिक पश्चिम देशों के नागरिकों और अफगानों को निकाला गया था। पिछले महीने काबुल हवाईअड्डे को फिर से खोलने के बाद से अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच उड़ानें काफी सीमित हो गई हैं। पीआईए ने कहा कि जब से नई तालिबान सरकार बनी है, काबुल में उसके कर्मचारियों को नियमों और उड़ान अनुमतियों में अंतिम क्षणों में बदलाव और तालिबान कमांडरों के 'बेहद डराने वाले व्यवहार' का सामना करना पड़ा है। इसने कहा कि पाकिस्तान के प्रतिनिधि को काबुल में घंटों तक बंदूक की नोक पर रखा गया था और पाकिस्तान दूतावास के हस्तक्षेप के बाद ही उसे मुक्त किया गया था।


कुनार बम धमाके में एक की मौत

कुनार, एएनआइ : अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में एक बम विस्फोट के दौरान एक स्थानीय सुरक्षा अधिकारी की मौत हो गई जबकि 12 अन्य लोग घायल हो गए। टोलो न्यूज के अनुसार गुरुवार को हुए असदाबाद जिले में एक पुल के पास हुए बम धमाके की फिलहाल किसी आतंकी संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली है। घायलों में छह स्थानीय सुरक्षा बलों के लोग हैं और छह अन्य अफगान नागरिक हैं।


तुर्की और तालिबान के बीच वार्ता

अंकारा, एपी। अफगानिस्तान के नए तालिबान शासकों ने तुर्की पहुंच कर तुर्की के अधिकारियों से बातचीत शुरू कर दी है। तुर्की के विदेश मंत्रालय के अनुसार तालिबान का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल यहां पहुंच चुका है। तालिबान के प्रवक्ता के अनुसार राजधानी अंकारा में बैठकों का पहला चरण तालिबानी प्रतिनिधिमंडल और तुर्की सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच हुआ। तालिबानी दल का प्रतिनिधित्व कार्यकारी विदेश मंत्री आमिर खान मुताकी कर रहे हैं।


इमरान खान को लगा बड़ा झटका, नवाज शरीफ की पार्टी में शामिल हुए पीटीआइ के वरिष्ठ नेता

इमरान खान को लगा बड़ा झटका, नवाज शरीफ की पार्टी में शामिल हुए पीटीआइ के वरिष्ठ नेता

देश में बढ़ती महंगाई को लेकर विपक्ष की आलोचना झेल रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को एक और झटका लगा है। इमरान खान के नेतृत्व वाली पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआइ) के वरिष्ठ नेता कादिर बख्श कलमती ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, कादिर पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) में शामिल हो गए हैं।

एआरवाइ न्यूज ने बताया कि कादिर ने हाल ही में पीटीआइ से मलिर जिला अध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया और शनिवार को कराची के मलिर जिले में आयोजित एक जनसभा के दौरान पीएमएल-एन में शामिल हो गए। पार्टी के महासचिव अहसान इकबाल, पीएमएल-एन सिंध के महासचिव मिफ्ता इस्माइल, एमएनए खेल दास खोइस्तानी और पार्टी के अन्य नेताओं ने जनसभा में भाग लिया और रैली को संबोधित किया।


पीटीआइ से हाल ही में इस्तीफा देने वाले अध्यक्ष कादिर बख्श कलमती, वरिष्ठ नेता इनायत खट्टक और तारिक बलूच और अन्य पदाधिकारियों ने हलीम आदिल शेख पर पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करने के लिए जानबूझकर पीएस-88 में एक कमजोर उम्मीदवार को मैदान में उतारने का आरोप लगाया था। पीएम-88 उपचुनाव में पीपीपी उम्मीदवार यूसुफ बलोच ने 24,000 से अधिक मतों से जीत हासिल की थी। इसमें पीटीआइ उम्मीदवार जंशेर जुनेजो और मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट-पाकिस्तान के उम्मीदवार साजिद अहमद को क्रमशः 4,870 और 2,634 वोट मिले थे।

इस कार्यक्रम में बोलते हुए पूर्व संघीय मंत्री अहसान इकबाल ने कहा, 'एमएलएन सुप्रीमो नवाज शरीफ का 'वोट को सम्मान दें' अभियान देश का सबसे लोकप्रिय नारा बन गया है और सभी चार प्रांतों में ये नारा गूंज रहा है। उन्होंने कहा कि अगर किसी समाज में व्यक्तियों की गरिमा को बहाल करना है तो वहां वोट का सम्मान किया जाना चाहिए। इससे पहले, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ लरकाना अध्याय के नेता चंगेज अब्रो ने भी पार्टी से इस्तीफा देकर पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) में शामिल हो गए थे।