अमेरिका की यूनिवर्सिटीज में स्टडी करने का सपना रखने वाले विदेशी विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर, नहीं होगा वीजा रद्द

अमेरिका की यूनिवर्सिटीज में स्टडी करने का सपना रखने वाले विदेशी विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर, नहीं होगा वीजा रद्द

अमेरिका की यूनिवर्सिटीज में स्टडी करने का सपना रखने वाले विदेशी विद्यार्थियों के लिए राहत भरी न्यूज है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विदेशी विघाथीयों के वीजा रद करने वाले अपने फैसला को वापस ले लिया है। दरअसल, बीते दिनों पहले कोरोना महामारी के कारण अमेरिका में औनलाइन क्लासेज का ऑप्शन होने पर विदेशी विद्यार्थियों का वीजा रद व वापस लेने की बात कही गई थी। जिसके बाद यहां पढ़ने वाले हिंदुस्तान समेत तमाम अन्य राष्ट्रों के विद्यार्थी संकट में आ गए थे।

फेडरल जज एलिसन बरॉ ने मंगलवार को बोला कि सरकार ने अपना फैसला वापस लेने के लिए सहमति जताई है। इस मामले में किसी प्रकार का नया नियम लागू नहीं होने वाला है। हार्वर्ड और एमआईटी की ओर से बोला गया कि इस फैसला से आर्थिक हानि हो सकती है। कुछ मिनटों के लिए टेलीकांफ्रेंस के माध्यम से दो संस्थानों द्वारा दायर याचिका पर इमरजेंसी सुनवाई के समय जजों ने सरकार द्वारा फैसला वापस लेने का ऐलान किया। यह केस बोस्टन के फेडरल न्यायालय में मैसाच्यूसेट्स इंस्टीट्यूट (MIT) और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा आठ जुलाई को दायर किया गया था।

पुराने फैसला के मुताबिक, यहां F-1 या M-1 वीजा पर रहने वाले छात्र-छात्राओं को अमेरिका छोड़ने का आदेश दे दिया गया था। विदित हो कि US इमिग्रेशन ऐंड कस्टम्स एनफोर्स ने छह जुलाई को यह घोषणा की थी। जिस पर विरोध जताते हुए हार्वर्ड यूनिवर्सिटी समेत कई संस्थानों ने न्यायालय में मुद्दा दायर किया था। इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ शिक्षा के मुताबिक अमेरिका में 1 मिलियन से अधिक विदेशी छात्र-छात्राएं हैं, व उनमें से लगभग 20 हजार भारतीय हैं। कई अमेरिकी शिक्षण संस्थान विदेशी विद्यार्थियों से प्राप्त होने वाली ट्यूशन फीस की बदौलत ही स्थापित हुए है।