इजरायल ने सीरिया में छह मिसाइलें दागीं,पांच लोगों की मौत

इजरायल ने सीरिया में छह मिसाइलें दागीं,पांच लोगों की मौत

दमिश्क: इजरायल ने शनिवार को सीरिया में छह मिसाइलें दागीं, जिसमें पांच लोगों की मृत्यु हो गई और सात अन्य घायल हो गए.

एक सैन्य बयान के अनुसार, मिसाइलों ने कथित तौर पर हामा प्रांत के मस्यफ जिले के पास की जगहों को निशाना बनाया.  रिपोर्ट के अनुसार, हमले से संपत्ति को भी हानि पहुंचा और मस्याफ जंगल में आग लगा दी गई.

सीरिया के सरकारी मीडिया ने पहले दावा किया था कि राष्ट्र के मध्य तटीय क्षेत्र में इजरायली मिसाइलों को रोका गया था.
रिपोर्ट के अनुसार, तटीय शहरों बन्यास, टार्टस और जाबलेह में विस्फोटों की सूचना मिली थी, और अधिकतर मिसाइलों को उनके लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया गया था.

पिछले कुछ सालों में इजरायल द्वारा सीरियाई लक्ष्यों के विरूद्ध सैकड़ों हमले किए गए हैं, हालांकि राष्ट्र शायद ही कभी उन्हें स्वीकार करता है या चर्चा करता है. यह ईरान-संबद्ध मिलिशिया की सुविधाओं को लक्षित करने का दावा करता है, जिसमें लेबनान के आतंकी हिजबुल्लाह भी शामिल हैं, जिसमें सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-सरकार असद के सैनिकों के साथ सीरिया में लड़ाके हैं, साथ ही साथ मिलिशिया के लिए जाने वाले हथियारों के शिपमेंट भी हैं.


 पीटीआई अध्यक्ष इमरान खान ने कसम ली कि वह

 पीटीआई अध्यक्ष इमरान खान ने कसम ली कि वह

 पीटीआई अध्यक्ष इमरान खान ने बुधवार को कसम ली कि वह और उनके समर्थक इस्लामाबाद में डी-चौक को तब तक खाली नहीं करेंगे, जब तक कि आयातित गवर्नमेंट नए चुनाव की आखिरी तारीख नहीं दी जाती.

डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, इमरान खान ने यह टिप्पणी हसन अब्दाल में एक संक्षिप्त ठहराव के दौरान की, जो राजधानी से लगभग 50 किलोमीटर दूर है, क्योंकि उनके समर्थक रास्ते में बाधाओं के बावजूद उनसे आगे डी-चौक पहुंचे.

उन्होंने बोला कि पुलिस उनके मिशन को भी समझ जाएगी – जिसे वह जिहाद कहती है – जब उनका कारवां अपने अंतिम मुकाम तक पहुंच जाएगा.

जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, पीटीआई के कराची चैप्टर ने शहर के नुमाइश क्षेत्र में अपने विरोध प्रदर्शन को धरने में बदल दिया.

नुमाइश चौरांगी की स्थिति ने बुधवार शाम को हिंसक रूप ले लिया, जब प्रदर्शनकारियों ने एक पुलिस वैन को जला दिया. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव भी किया, जिससे एक पुलिस अधीक्षक घायल हो गया.

जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने हवाई फायरिंग कर प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने की प्रयास की, लेकिन उनका कोशिश बेकार गया.

नुमाइश में तानाशाही के अलावा, खुदादद कॉलोनी चौरंगी और नूरानी चौरंगी में भी दंगे भड़क उठे.

विरोध प्रदर्शन के दौरान आसिफ हसन, जो एक विदेशी समाचार एजेंसी के फोटोग्राफर हैं, घायल हो गए. जियो न्यूज के कैमरामैन नासिर अली को भी चोटें आई हैं.

धरने के बारे में पीटीआई नेता खुर्रम शेर जमां ने बोला कि नुमाइश में उनका धरना तब तक जारी रहेगा, जब तक इमरान खान उन्हें इसे समाप्त करने के लिए नहीं कहते.

एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट के अनुसार, पाक तहरीक-ए-इंसाफ के कार्यकर्ता और समर्थक इस्लामाबाद की ओर अपना रास्ता बनाने की प्रयास कर रहे हैं, क्योंकि उन्होंने इमरान खान के संघीय राजधानी में लंबे मार्च के आह्वान का उत्तर देने के बाद कंटेनरों को एक तरफ धकेल दिया और आंसूगैस के गोले छोड़े.

खान ने बुधवार शाम को बोला कि उनका लंबा मार्च पंजाब में प्रवेश कर इस्लामाबाद की ओर बढ़ रहा है.

पूर्व पीएम ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर लिखा, इस आयातित गवर्नमेंट द्वारा कोई भी राज्य दमन और फासीवाद हमारे मार्च को रोक नहीं सकता.