हवाई अड्डों पर हाथ साफ रखें, महामारी Corona virus से 70 प्रतिशत खतरा होगा कम

हवाई अड्डों पर हाथ साफ रखें, महामारी Corona virus से 70 प्रतिशत खतरा होगा कम

न्यूयॉर्क. कोरोना वायरस अब आधिकारिक रूप से कोविड-19 के रूप में जाना जाता है. चाइना में 1,300 से अधिक लोगों की अब तक ये जान ले चुका है. शोधकर्ताओं का दावा है कि सभी हवाई अड्डों पर अगर ठीक ढंग से हाथों की स्वच्छता का खास ध्यान दिया जाए तो इस संभावित महामारी के जोखिम को 24 से 69 फीसदी तक घटाया जा सकता है.

जर्नल रिस्क एनालिसिस में प्रकाशित एक रिपोर्ट में संसार भर के हवाई अड्डों पर रोग शमन रणनीतियों को लागू करने के असर का विश्लेषण किया गया है. साइप्रस एवं मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) विश्वविद्यालय से अध्ययन के प्रमुख लेखक क्रिस्टोस निकोलाइड्स के अनुसार हवाई अड्डे व हवाई जहाज अत्यधिक संक्रामक होते हैं. ये बड़ी आबादी के साथ सीमित क्षेत्र में होते हैं. विषाणु शारीरिक तरल पदार्थ के माध्यम से फैलते हैं. ऐसे में इसकी रोकथाम के लिए प्रमुख परिवहन केंद्रों पर हाथ साफ रखना अहम है.

इसके लिए शोधकर्ताओं ने ऐसे 10 अहम हवाई अड्डों और वैश्विक हवाई-परिवहन नेटवर्क की पहचान की व पाया कि अगर हाथ धोने पर ध्यान दिया जाए तो इस महामारी के जोखिम को 37 फीसदी से घटाया जा सकता है. इन हवाई अड्डों में लंदन हीथ्रो, लॉस एंजिल्स इंटरनेशनल, जॉन एफ। कैनेडी, चार्ल्स डी गॉल, दुबई इंटरनेशनल, फ्रैंकफर्ट, हांगकांग इंटरनेशनल, बीजिंग कैपिटल, सैन फ्रांसिस्को व एम्स्टर्डम शिफोल शामिल हैं. अध्ययन से पता चलता है कि अगर हाथ धोने की प्रक्रिया को आजमाया जाए तो वायरस के प्रसार को कम करने में एक अहम असर पड़ेगा.

ये दस हवाई अड्डे महज ऐसे जगह नहीं हैं, जहां यात्रियों की बड़ी संख्या होती है, बल्कि ये हवाई अड्डे संसार के सभी हिस्सों और गंतव्यों को आपस में जोड़ते भी हैं. हवाई अड्डों में कई जगहें अत्यधिक दूषित होती हैं, जिनका प्रयोग विभिन्न यात्री करते हैं. इनमें स्वयं-सेवा चेक-इन स्क्रीन, गेट बेंच आर्मरेस्ट, वॉटर फाउनटेन बटन, दरवाजों के हैंडल, सीट व ट्रे टेबल आदि शामिल हैं. विश्लेषण बताते हैं कि वर्तमान में हर पांच में से एक ही आदमी हर समय अपने हाथों को साफ रखता है.