दुबई पुलिस के बेड़े में शामिल हुई पावरफुल Audi R8 Coupe, 3.7 सेकंड में पकड़ती है 100 kmph की रफ्तार

दुबई पुलिस के बेड़े में शामिल हुई पावरफुल Audi R8 Coupe, 3.7 सेकंड में पकड़ती है 100 kmph की रफ्तार

दुबई पुलिस अपनी जबरदस्त और बेहद महंगी परफॉर्मेंस कारों के लिए भी जानी जाती है। अपने बेड़े में यह लगातार एक से बढ़कर एक कारों को शामिल करना जारी रखती है। अपराध पर काबू रखने के लिए दुबई पुलिस के बेड़े में शामिल होने वाली नई कार में Audi R8 Coupe (ऑडी आर8 कूपे) की दो यूनिट्स हैं। दुबई पुलिस विभाग के शीर्ष अधिकारियों ने हाल ही में जर्मन लक्जरी ब्रांड के इन परफॉर्मेंस वाहनों का प्रदर्शन किया था।

क्या खास है इस कार में
Audi R8 कूपे कार में V10, 5.2-लीटर इंजन मिलता है। यह इंजन 540 hp का पावर जेनरेट करता है। Audi R8 कूपे कार की टॉप स्पीड 320 किमी प्रति घंटा है और यह सिर्फ 3.7 सेकंड में 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकती है। इस पावरफुल पुलिसिया कार से बचने के लिए दौड़ने या ड्राइविंग कर भागने वाले किसी भी व्यक्ति का बच पाना बेहद मुश्किल है। 

दुबई पुलिस ने एक बयान में कहा, "फ्री-ब्रीदिंग वी10 इंजन आकर्षक है। अतुलनीय आवाज, बिजली की तेज प्रतिक्रिया वाली इस कार को मोड़ते समय बहुत ज्यादा मजा आता है।" 

दुबई पुलिस के पास है 33 सुपरकारें
खबरों के मुताबिक दुबई पुलिस के पास अब 33 सुपरकार हैं। इसके बेड़े में शामिल लेटेस्ट ऑडी R8 कूपे, कार हालांकि बहुत तेज है, लेकिन यह सबसे तेज नहीं है। दुबई पुलिस के बेड़े में शामिल बेहतरीन कारों की बात करें तो इसमें Bugatti Veyron (बुगाटी वेरॉन), Aston Martin Vantage (एस्टन मार्टिन वैंटेज) और Porsche (पोर्श) की कई कारें, Ferrari (फेरारी), Bentley (बेंटले) और McLaren (मैकलारेन) मॉडलों की एक लंबी सूची है। यानी अपराधियों को धर दबोचने के लिए दुबई पुलिस की कारों में भी काफी कंपीटिशन है। 

'सुरक्षा सबसे ऊपर'
यूएई के नेशनल न्यूज के हवाले से दुबई पुलिस के आपराधिक जांच विभाग के सामान्य विभाग के निदेशक ब्रिगेडियर जमाल सलेम अल जल्लाफ ने कहा, "दुबई पुलिस हमेशा अमीरात की सुरक्षा और हिफाजत को बढ़ावा देने और दुनिया के सबसे सुरक्षित जगहों में से एक के रूप में अपनी स्थिति बनाए रखने के लिए उत्सुक है।" 

हवा से गश्त में भी दिलचस्पी
एक तरह जहां अपराध की रोकथाम के लिए दुबई पुलिस के पास स्टाइलिश कारों का जखीरा है। वहीं दूसरी तरफ, हवाई मार्ग के जरिए सड़कों पर भी गश्त करती है। ड्रोन के इस्तेमाल को एक बहुत ही व्यवहारिक विकल्प के रूप में देखा गया है। लेकिन हवाई निजी वाहनों की दुनिया में तेजी से विकसित होने वाले विकास में भी यहां के सुरक्षा कर्मी काफी दिलचस्पी ले रहे हैं। लेकिन अभी के लिए, स्टाइलिश और पावरफुल चार-पहिया वाहनों से जमीन पर इनकी मजबूत मौजूदगी बरकरार रहेगी। 


दक्षिण अफ्रीका में विशेषज्ञों ने बच्चों में कोविड-19 के बढ़ते मामलों पर जताई चिंता

दक्षिण अफ्रीका में विशेषज्ञों ने बच्चों में कोविड-19 के बढ़ते मामलों पर जताई चिंता

South Africa Omicron Variant: दक्षिण अफ्रीका में विशेषज्ञों ने बच्चों में कोविड-19 के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई है. देश में शुक्रवार रात तक संक्रमण के 16,055 नए मामले सामने आ चुके थे और 25 संक्रमितों की मौत हो चुकी थी. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेबल डीसीज (एनआईसीडी) की डॉक्टर वसीला जसत (Waasila Jassat) ने कहा, ‘हमने देखा कि पहले बच्चे कोविड महामारी से इतने प्रभावित नहीं हुए, बच्चों को अस्पतालों में भर्ती करने की जरूरत भी ज्यादातर नहीं पड़ी.’

उन्होंने कहा, ‘महामारी की तीसरी लहर में पांच साल से कम उम्र के अधिक बच्चे अस्पताल में भर्ती करवाए गए, 15 से 19 साल की आयु के किशारों को भी अस्पतालों में भर्ती करवाना पड़ा है.’ जसत ने कहा, ‘अब चौथी लहर की शुरुआत में सभी आयुवर्गों में मामले तेजी से बढ़े हैं (Covid-19 Cases in Children) लेकिन पांच साल से कम उम्र के बच्चों में विशेष तौर पर मामले बढ़े.’ बच्चों में ये मामले ऐसे वक्त पर बढ़ रहे हैं, जब कोरोना वायरस का नया ओमीक्रॉन वेरिएंट तेजी से दक्षिण अफ्रीका में अपने पैर पसारता जा रहा है.

बुजुर्गों में मिल रहे ज्यादा केस

वसीला जसत ने कहा, ‘हालांकि, संक्रमण के मामले अब भी बच्चों में ही सबसे कम हैं. सर्वाधिक मामले 60 साल से अधिक आयु के लोगों में हैं और उसके बाद सबसे अधिक मामले पांच साल से कम उम्र के बच्चों में हैं. पांच से कम उम्र के बच्चों को अस्पतालों में भर्ती करने के मामले बढ़े हैं जबकि पहले ऐसा नहीं था.’ एनआईसीडी (NICD) के डॉक्टर माइकल ग्रूम ने कहा, ‘मामले बढ़ने को लेकर तैयारी के महत्व पर विशेष जोर देने की जरूरत है, जिसमें बच्चों के लिए बिस्तर और कर्मचारियों को बढ़ाया जाए.’

9 में से 7 प्रांतों में बढ़ी संक्रमण दर

स्वास्थ्य मंत्री जो फाहला ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका के नौ प्रांतों में से सात में संक्रमण के मामले और संक्रमण की दर बढ़ रही है. इससे पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन (World Health Organization) ने इस बात की जानकारी दी है कि कोरोना वायरस का ओमीक्रॉन वेरिएंट अब तक 38 देशों तक पहुंच गया है (Omicron Variant Cases). हालांकि उसे इससे होने वाली किसी मौत की सूचना नहीं मिली है. इसके अलावा दक्षिण अफ्रीका के शोधकर्ताओं ने एक अध्ययन में बताया है कि ओमीक्रॉन से डेल्टा या बीटा वेरिएंट की तुलना में दोबारा संक्रमण होने की संभावना तीन गुना अधिक है.