कोरोना वायरस व आर्थिक तंगी से बेहाल पाक, कोरोना वायरस रिलीफ फंड से भरेगा बिजली के बिल

कोरोना वायरस व आर्थिक तंगी से बेहाल पाक, कोरोना वायरस रिलीफ फंड से भरेगा बिजली के बिल

नयी दिल्ली: कोरोना वायरस (Coronavirus) व आर्थिक तंगी से बेहाल पाक (Pakistan) ने कुछ दिनों पहले कोरोना वायरस संकट से निपटने के लिए दुनिया बैंक व एशियाई विकास बैंक(ADB) से नए लोन की मांग की थी ऋणों में 2 अरब डॉलर का नया लोन लेने की योजना बनाई थी।

द एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने बताया कि पाक ने दुनिया बैंक व एशियाई विकास बैंक से जो ऋण मांगा था, वह G-20 राष्ट्रों से मांगी गई 1.8 अरब डॉलर की लोन सहायता से ज्यादा था। पाक ने ऐसा अपने राजकोष को सुधारने के लिए किया था।  

दस्तावेजों के मुताबिक, पाक ने जिस धन की मांग की उसका उपयोग वित्त मंत्रालय, स्टेट बैंक ऑफ पाक (एसबीपी), सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन ऑफ पाक व फेडरल बोर्ड ऑफ रेवेन्यू, मार्केट की स्थिरता, मार्केट सुविधा, आपूर्ति तरीकों व जरूरतों को मजबूत करने के लिए करेंगे। लेकिन अब पता चला है कि पाक कोरोना वायरस राहत सहायता का प्रयोग बिजली के बिल भरने के लिए कर रहा है। जी हां, ये हकीकत है।

पाकिस्तान ने बिजली दरों को कम करने के लिए जो लोन लिया था उसके ब्याज को चुकाने के लिए इमरान खान सरकार 10 अरब पाकिस्तानी रुपए निकाल रही है। यह फैसला पाक कैबिनेट की आर्थिक समन्वय समिति की मीटिंग में लिया गया।

इस मीटिंग की अध्यक्षता इमरान खान के वित्तीय सलाहकार अब्दुल हफीज शेख ने की थी। शेख ने पाक के राहत कोष के लिए एक नीति समिति भी नियुक्त की है, व यही समिति तय करेगी कि निधि कैसे खर्च की जाएगी। व बिजली दरों को कम करने के लिए उक्त राशि का आवंटन करना इसका पहला फैसला था।

चीनी परियोजनाओं में निवेश, पाक की अर्थव्यवस्था बिगाड़ रहा है- इससे देश अपनी प्राथमिकताएं भूल गया है। है। पाक का सार्वजनिक ऋण इस वर्ष जून तक बढ़कर 37.5 ट्रिलियन रुपये होने का अनुमान है, जो उसकी जीडीपी का 90 फीसदी होता है। पाक वित्तीय बाजारों के विकास प्रोग्राम के नाम पर ADB से 300 मिलियन अमरीकी डालर का ऋण लेना चाहता है।