विटामिन-डी की कमी को दूर करने के लिए करे ये उपाय

विटामिन-डी की कमी को दूर करने के लिए करे ये उपाय

ऐसा माना जाता है कि शरीर का 20 फीसदी भाग यानी बिना ढका हाथ व पैरों से रोजाना 15 मिनट धूप का सेवन करने से विटामिन-डी अच्छी मात्रा में लिया जा सकता है.

कई बार सवाल उठता है कि दिन का कौन सा समय सूर्य की लाइट के सम्पर्क में आने के लिए सबसे उपयुक्त होता है? ऐसा माना जाता है कि प्रातः काल और शाम की धूप सबसे उपयुक्त होती है. सच्चाई यह है कि प्रातः काल 10 से दोपहर 3 बजे के बीच के दौरान धूप का सेवन मानव शरीर की स्कीन को विटामिन-डी प्रदान करता है. हालांकि धूप के सेवन के दौरान स्कीन पर सन-ब्लॉक क्रीम या लोशन नहीं लगा होना चाहिए.
प्रदूषण रोकता है धूप
तय मानक से अधिक प्रदूषण के कारण धूप लोगों तक नहीं पहुंच पाती है. ऐसे में दुग्ध उत्पादों और आहार के जरिए विटामिन डी का सेवन कर सकते हैं. स्त्रियों में विशेष रूप से प्री-मेनोपॉज व पोस्ट-मेनोपॉज की श्रेणी की स्त्रियों में ऑस्टियोपोरोसिस व ऑस्टियोमलेशिया की संभावना ज्यादा होती है. जबकि पूरी तरह से ढकने वाली स्त्रियों और सनक्रीम लगाने वाली स्त्रियों में भी विटामिन-डी की मात्रा बहुत ज्यादा कम होती है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उनकी स्कीन के अंदर धूप प्रवेश नहीं कर पाता है.
बच्चों में रिकेट्स की समस्या
बच्चों में विटामिन डी की कमी से रिकेट्स की समस्या होने लगती है. बच्चों को आरंभ में ही पर्याप्त आहार के साथ-साथ अच्छी धूप का सेवन कराना आवश्यक होता है. बच्चों को खास कर उन बच्चों को जिन्होंने मां का दूध पीना छोड़ दिया है, उन्हें विटामिन डी से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन कराना आवश्यक है.