ये फूड्स हार्मोन के संतुलन के लिए हो सकते हैं बड़े लाभकारी

ये फूड्स हार्मोन के संतुलन के लिए हो सकते हैं बड़े लाभकारी

हार्मोन का असंतुलन कई परेशानियां खड़ी कर देता है. शरीर में उपस्थित कोई भी हार्मोन जब तय सीमा से कम या ज्यादा हो जाता तो बीमारियां घेरने लगती हैं. स्त्रियों व पुरुषों को स्वस्थ रहने के लिए महत्वपूर्ण है कि शरीर में हार्मोन का संतुलन बना रहे. हार्मोन्स शरीर को ही नहीं मस्तिष्क व भावनाओं को भी प्रभावित करते हैं. 
 
www.myupchar.com से जुड़े एम्स के डाक्टर अनुराग शाही का बोलना है कि हार्मोन शरीर के केमिकल घटक होते हैं, जिनसे शरीर में कई ग्रंथियां बनती हैं. ये ताकतवर केमिकल रक्त के साथ सारे शरीर में फैले होते हैं व ऊतकों और अंदरूनी अंगों को उनके कार्य में मदद करता है. जब हार्मोन का संतुलन बेकार हो जाता है तो कोई विशेष हार्मोन या तो बहुत कम हो जाता है या ज्यादा हो जाता है. इस स्थिति को ही हार्मोन असंतुलन या हार्मोन इम्बेलेंस कहते हैं.
 
विशिष्ट खाद्य पदार्थ हार्मोन को संतुलित करने में सहायता कर सकते हैं. किसी भी दवा का सेवन किए बिना समग्र स्वास्थ्य में सुधार होने कि सम्भावना है. हालांकि, हर किसी का शरीर भिन्न-भिन्न रिएक्शन करता है, इन स्वस्थ खाद्य पदार्थों से एक स्वस्थ आहार सुनिश्चित होने कि सम्भावना है जो शरीर को बेहतर ढंग से कार्य करने में मदद करता है.
 
अलसी के बीज
अलसी के बीज से हार्मोन के लिए सभी प्रकार के फायदा हो सकते हैं. अलसी का बीज ‘फाइटोएस्ट्रोजेन’ का एक बड़ा स्रोत है व इसमें विशेष रूप से एक प्रकार का फाइटोएस्ट्रोजन होता है, जिसे लिगनेन बोला जाता है. लिगनेन्स में एस्ट्रोजेनिक व एंटीस्ट्रोजेनिक असर दोनों होते हैं, व उन्हें विशिष्ट प्रकार के कैंसर के विरूद्ध सुरक्षात्मक फायदा होने के लिए जाना जाता है. अलसी के बीज भी ओमेगा -3 फैटी एसिड, फाइबर व एंटीऑक्सिडेंट का एक अच्छा स्रोत है.
 
नट्स
बादाम जैसे नट्स एंडोक्राइन सिस्टम पर असर डालते हैं, जो कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद कर सकते हैं. वे इंसुलिन को कम करने व रक्त शर्करा के स्तर को संतुलित करने में भी सहायता कर सकते हैं.
 
विशेष रूप से अखरोट में पॉलीफेनोल्स होते हैं, जो शरीर में मुक्त कणों का मुकाबला करके दिल की रक्षा कर सकते हैं. इस घटक में एंटी-इन्फ्लेमेटरी एजेंट भी हो सकते हैं व वे ओमेगा -3 से भरपूर होते हैं जो मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए उत्कृष्ट हैं.
 
अनार
यह एंटीऑक्सिडेंट युक्त फल शरीर में अलावा एस्ट्रोजन उत्पादन को अवरुद्ध करने में सहायता कर सकता है. अनार में स्तन कैंसर के प्रकारों को रोकने की क्षमता होती है जो एस्ट्रोजेन को रिएक्शन देते हैं. अनार में एक प्राकृतिक एजेंट होता है जो स्त्रियों के शरीर में एंजाइम को बाधित कर सकता है जो एस्ट्रोन को एस्ट्राडियोल में परिवर्तित करता है. यह एक ताकतवर एस्ट्रोजन है जो हार्मोन से होने वाले कैंसर के मूल में किरदार निभा सकता है.
 
हल्दी
हल्दी हमेशा सूजन के उपचार के लिए एक अच्छा तरीका के रूप में जाना जाता है, क्योंकि यह करक्यूमिन से बना होता है.  हल्दी में कई हीलिंग के गुण पाए जाते हैं. इस पारंपरिक भारतीय मसाले में गठिया के दौरान होने वाले दर्द को कम करने की क्षमता है. हल्दी का एक्टिव इनग्रेडियेंट करक्यूमिन, एस्ट्रोजेन की गतिविधि का अनुकरण कर सकता है. यह जड़ी बूटी पीरियड्स के दर्द को कम करने में मदद कर सकती है.