बच्चों के मुंह में अल्सर के लिए लगाए शहद और हल्दी का पेस्ट

बच्चों के मुंह में अल्सर के लिए लगाए शहद और हल्दी का पेस्ट

बीमारियां तो इंसान के लिए घातक ही होती है लेकिन मुँह के छालों को सहन करना बड़ा मुश्क्लिल होता है।छालों के कारन कुछ भी खाने पीने में बहुत परेशानी होने लगती है। और अगर आपके छोटे से बच्चे के मुंह में छाले हो जाये तो और भी ज़्यादा दिक्कत हो जाती है।

ऐसे करें मुंह के छालों का इलाज:

# शहद के प्रयोग से आपके बच्चे के मुंह के छालो का इलाज किया जा सकता है। शहद को अपनी ऊँगली पर लगाकर अपने बच्चे के छालों की जगह पर लगाएं ऐसा करने से छाले ठीक हो जायेगे

# शहद में थोड़ी सी हल्दी को मिलाकर भी छालो पर लगा सकती है। हल्दी में भरपूर मात्रा जलनरोधी और रोगाणुरोधी गुण मौजूद होते हैं जो किसी भी प्रकार  के घाव को ठीक करने में मदद करते हैं।

# मुंह के छालों को दूर करने के लिए नारियल का इस्तेमाल भी फायदेमंद होता है। आप नारियल का तेल, पानी और दूध इन तीनों चीजों का इस्तेमाल मुंह के छालो को दूर करने के लिए कर सकते है। 

# बच्चो के मुंह के छालो को ठीक करने के लिए उन्हें नारियल पानी का सेवन करवाए। बच्चो को नारियल के दूध से गरारे भी करवा सकते है। अगर बच्चा बहुत छोटा है तो छालों पर नारियल तेल लगाना चाहिए।


लौंग के ज्यादा सेवन से भी हो सकती है एलर्जी

लौंग के ज्यादा सेवन से भी हो सकती है एलर्जी

शरीर की कई बिमारियों का इलाज तो हमारे किचन में ही रहता है बस थोड़ा ध्यान देने की जरूरत होती है। लौंग बहुत आम मसाला हैं जिसका आम तौर पर खाना पकाने के लिए उपयोग किया जाता है। परंपरागत रूप से कई बीमारियों के उपचार के लिए उपयोग किया जाता है। लेकिन ज्यादा लौंग भी कुछ मामलों में हानिकारक हो सकती है।

ज्यादा लौंग खाने के नुकशान:

अगर ब्लड शुगर सामान्य स्तर से नीचे हैं, तो आपको जल्दी से लौंग के इस्तेमाल को कम करना होगा इस स्वास्थ्य की स्थिति में लौंग खाना बहुत खतरनाक है। लौंग खून में ग्लूकोज के स्तर को कम करता है।

# लौंग का ज्यादा इस्तेमाल करने से एलर्जी हो सकती है। लौंग में यूजेनॉल होता है और यह केमिकल एलर्जी का सबसे महत्वपूर्ण कारण है। लौंग की अत्यधिक मात्रा में सेवन से चकत्ते, सूजन, और पित्ती हो जाते हैं।

# लौंग का बहुत अधिक मात्रा में सेवन करने से लंबे समय तक खून बह सकता है। लौंग खून को पतला कर देता है इस वजह से ब्लीडिंग हो सकती है।