जानिए, उम्रवार तरल की मात्रा

जानिए, उम्रवार तरल की मात्रा

70 से 80 फीसदी तरल की पूर्ति किसी भी फल को चबाकर खाने से ही हो जाती है.
4.2 ग्राम ओआरएस के पाउच 200 एमएल घोलें पानी की कमी होने पर.
21 ग्राम ओआरएस के पाउच को एक लीटर पानी में घोलकर दिनभर में दें.
02 घंटे के गैप में थोड़ा-थोड़ा पानी या नारियल और नींबू पानी पीना चाहिए.



उम्रवार तरल की मात्रा
नवजात : पूर्ण विकास के लिए नवजात (0-28 दिन वाले) को ब्रेस्टफीडिंग कराएं. समयपूर्व जन्मे बच्चों को हर दो घंटे के गैप से बार-बार दूध पिलाएं. एक स्तन से पूरा दूध पिलाएं. आरंभ में इससे निकलने वाले दूध में पानी और कार्बोहाइडे्रट व आखिर के दूध में प्रोटीन और फैट होता है. 28 दिन बाद शिशु भूख लगने पर रोकर जताने लगता है. ऐसे में उसे फीड कराना महत्वपूर्ण होता है. दूध से एलर्जी होने पर शिशु को फॉर्मूला मिल्क ठीक मिलावट में दें. एक चम्मच मिल्क पाउडर को दो चम्मच पानी में मिलाएं. वजन और आयु के अनुसार फॉर्मूला मिल्क की मात्रा डॉक्टरी सलाह से बढ़ाना चाहिए.
6-12 माह : दूध के अतिरिक्त ऊपर की भी चीजें इसमें आयु दें. इसमें लिक्विड डाइट ज्यादा दें. बच्चे को दाल और चावल का पानी, नारियल पानी पिलाएं. शिशु को एक बार में कुछ घूंट पानी बहुत ज्यादा है लेकिन दिनभर में कई बार दें. साथ ही, गौ माता या भैंस का दूध पिला सकते हैं.
1-3 वर्ष : दिनभर में वजन के अनुसार ब्रेस्टफीडिंग के अतिरिक्त दो कप दूध पिलाया जा सकता है. साथ ही दो से पांच कप पानी थोड़ी-थोड़ी देर में पिलाएं. इस दौरान बच्चा स्कूल जाना प्रारम्भ कर देता है. ऐसे में उसे साथ में पानी की बोतल ले जाने व थोड़ी-थोड़ी देर में पीने के लिए कहें.
स्कूल जाने वाले बच्चे : इस आयु में बच्चे की मांसपेशियों व हड्डियों का विकास तेजी से होता है. दिनभर में कम से कम पांच कप पानी जरूर पिलाएं. वहीं हड्डियों की मजबूती के लिए दो से तीन कप दूध पीने को दें. लैक्टोज से जुड़ी समस्या है तो दूध की बजाय नारियल पानी, नींबू पानी, मिल्क रोज आदि अच्छे विकल्प हैं.
खेलकूद के दौरान
बीकानेर के सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज में शिशु रोग विशेषज्ञ डाक्टर जी एस तंवर के अनुसार ऐसे बच्चे व कम आयु के युवा जो एथलीट होने के अतिरिक्त खेलकूद में शामिल हैं उन्हें ऊर्जा के लिए एनर्जी ड्रिंक के बजाय पानी की आवश्यकता खेल से पहले, दौरान व बाद में ज्यादा होती है. हर दो घंटे में पानी पीना महत्वपूर्ण है. गुनगुना पानी पी सकते हैं. पढ़ाई के साथ खेलकूद में कॅरियर बनाने की चाह रखने वाले दिनभर में ३-४ घंटे से ज्यादा समय ग्राउंड में प्रेक्टिस करते हैं. अलावा ऊर्जा के लिए नींबू या नारियल पानी पीएं.
पानी की कमी की पहचान
बच्चा यदि कम मात्रा में यूरिन पास करें यानी आठ घंटे से ज्यादा हो गए उसे यूरिन किए, मुंह का सूखना, बिना आंसू के रोना, आवश्यकता से ज्यादा सोना, कमजोरी व चक्कर आने जैसे लक्षण शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) के हो सकते हैं.
डॉक्टरी परामर्श जरूरी
बीमार पडऩे पर बच्चा कम खाता-पीता है. बुखार, धड़कनें तेज होने, उल्टी और दस्त होने पर शरीर में पानी की कमी हो जाती है. एक वर्ष से कम आयु के शिशु को हर दो घंटे के बजाय आधे-एक घंटे में स्तनपान कराएं. बड़े बच्चे को ओआरएस का घोल दें. 24 घंटे में इसे बार-बार पिलाएं.