कोविड-19 संक्रमित मरीजों को हो सकती है थाइरॉयड बीमारी

कोविड-19 संक्रमित मरीजों को हो सकती है थाइरॉयड बीमारी

अब तक कोविड-19 (Covid-19) की कोई दवा (Medicine), उपचार (Treatment) या वैक्सीन (Vaccine) तैयार न हो पाई है। वैज्ञानिकों ने इस बात की पुष्टि जरूर कर दी है कि नए कोरोना वायरस (Coronavirus) सार्स-सीओवी-2 से होने वाली बीमारी कोविड-19 श्वास संबंधी संक्रमण है। यह नाक (Nose) व मुंह (Mouth) के जरिए इंसान के शरीर के अंदर प्रवेश करती है। हालांकि, श्वास संबंधी लक्षणों के अलावा, कोविड-19 से संक्रमित मरीज में कई दूसरी बीमारियों के लक्षण भी नजर आते हैं जैसे- पेट में इंफेक्शन (Stomach Infection) संबंधी बीमारी डायरिया, आंखों से जुड़ा संक्रमण कंजंक्टिवाइटिस व मस्तिष्क का संक्रमण आदि।

हाल ही में डॉक्टरों ने कोविड-19 बीमारी से संक्रमित मरीजों में एक नयी तरह की थाइरॉयड बीमारी का पता लगाया है। ऑक्सफोर्ड के जर्नल ऑफ क्लीनिकल इन्डोक्रिनोलॉजी एंड मेटाबॉलिज्म में 21 मई 2020 को प्रकाशित इस नयी रिसर्च से जुड़े वैज्ञानिकों की मानें तो कोविड-19 की वजह से कई मरीजों में सूजन संबंधी बीमारी सबअक्यूट थायराइडिटिस की समस्या भी देखने को मिल रही है।

कोविड-19 इंफेक्शन और थाइरॉयड बीमारी
इटली स्थित यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल पीसा में पीएचडी स्टूडेंट एलेसैंड्रो ब्रैन्काटेला जो इस केस स्टडी के मुख्य ऑथर हैं की मानें तो यह पहला मुद्दा है जब कोविड-19 के किसी मरीज में थाइरॉयड बीमारी का पता चला है। इस मुद्दे में 21 फरवरी को यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल पीसा में 18 वर्ष की एक महिला का सार्स-सीओवी-2 इंफेक्शन के लिए टेस्ट किया गया था, क्योंकि उसके पिता कोविड-19 से संक्रमित पाए गए थे। वैसे तो वह असिम्पटमैटिक थी, लेकिन उसके टेस्ट पॉजिटिव आए व जल्द ही उसमें बीमारी के लक्षण भी दिखने प्रारम्भ हो गए। बाद में जब 13 व 14 मार्च को उस महिला का टेस्ट हुआ तो कोविड-19 इंफेक्शन के लिए उसके नतीजे नेगेटिव आए।

हालांकि, 17 मार्च को फिर से उस महिला में बुखार, थकान व गले और जबड़े में दर्द के लक्षण नजर आने लगे। जब डॉक्टरों ने उस महिला की जाँच की तो उसकी दिल गति बढ़ने लगी व उसकी थाइरॉयड ग्रंथि बढ़ी हुई थी। उसे छूने पर हद से ज्यादा दर्द महसूस हो रहा था। जब महिला का प्रयोगशाला टेस्ट हुआ तो उसमें थाइरॉयड हॉर्मोन्स के हाई लेवल का पता चला व साथ में इन्फ्लेमेटरी मार्कर व व्हाइट ब्लड सेल काउंट भी बढ़ा हुआ था। उसके गले का अल्ट्रासाउंड करने पर गले के दोनों तरफ ठोस व घना क्षेत्र देखने को मिला।

महिला के ये नतीजे डॉक्टरों के लिए दंग करने वाले थे, क्योंकि महिला का थाइरॉयड फंक्शन व स्कैनिंग इमेज पिछले महीने पूरी तरह से सामान्य थे। बाद में डॉक्टरों ने डायग्नोज किया तो पता चला कि महिला को सबअक्यूट थायराइडिटिस हो गया था। इसके बाद महिला को तुरंत प्रेडनिसोन दिया गया। यह एक ऐसी दवा है जो सूजन-जलन को कम करने में मदद करती है। गले में दर्द व बुखार की समस्या 2 दिन के अंदर अच्छा हो गई। एक हफ्ते के अंदर महिला पूरी तरह से बीमारी से उबर गई.

वायरल इंफेक्शन व सबअक्यूट थायराइडिटिस
सबअक्यूट थायराइडिटिस, थाइरॉयड से जुड़ी एक ऐसी बीमारी है, जिसमें थाइरॉयड ग्रंथि में सूजन व जलन होने लगती है। यह थायराइड बीमारी किस वजह से होती है, इसका कोई स्पष्ट कारण तो पता नहीं चल पाया है लेकिन अक्सर देखने में आता है कि ऊपर श्वसन पथ के इंफेक्शन (अपर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इंफेक्शन) के बाद यह समस्या हो जाती है। पहले भी सबअक्यूट थायराइडिटिस के मुद्दे वायरल बीमारियां जैसे- मम्प्स, एप्स्टीन बार वायरस (ईबीवी) व ह्यूमन इम्यूनोडिफिशिएंसी वायरस (एचआईवी) होने के बाद सामने आए हैं।

सबअक्यूट थायराइडिटिस बीमारी से पीड़ित मरीज को गले व जबड़े में दर्द होने लगता है और थाइरॉयड से जुड़ी क्रियाएं असामान्य हो जाती हैं। इस बीमारी में चिकित्सक एंटी-इन्फ्लेमेटरी दवाइयां जैसे- ग्लूकोकोर्टिकॉयड्स के जरिए मरीज का उपचार करते हैं।