ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करता है फालसा

ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित करता है फालसा

कुछ चीजें होती है जो हमें गर्मी से राहत दिलाती है। गर्मी के दिनों में बेर के आकार के फालसा काफी पसंद किये जाते है। इनकी तासीर ठंडी होती है, फालसा में एंटीऑक्सीडेंट मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, कैल्शियम, पोटेशियम, सोडियम, आयरन आदि पाया जाता है। इन खनिज लवणों के कारण गर्मी के मौसम में लू नहीं लगती है।

कई बिमारियों के इलाज में सहायक:

# यह अचानक से होने वाले बुखार का इलाज करता है। सुबह नाश्ते में इसे खाने से चिड़चिड़ापन दूर होता है। धूप से एलर्जी होने पर फालसा राहत देते है।

# फालसा में विटामिन सी होता है जो शरीर में लोहे का अवशोषण करने में सहायक होता है। इसे लगातार एक महीने तक खाने से ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित किया जा सकता है।

पत्तियां भी होती है लाभदायक:

फालसा सिर्फ फल के तौर पर ही नहीं बल्कि इसकी पत्तियां और तने भी बीमारियों का इलाज करने में सहायक है। पेट दर्द की समस्या होने पर 3 ग्राम अजवायन में 25 से 30 ग्राम फालसे के रस को डालकर थोड़ा सा गर्म करे, इसे गुनगुना होने पर पिए।


लौंग के ज्यादा सेवन से भी हो सकती है एलर्जी

लौंग के ज्यादा सेवन से भी हो सकती है एलर्जी

शरीर की कई बिमारियों का इलाज तो हमारे किचन में ही रहता है बस थोड़ा ध्यान देने की जरूरत होती है। लौंग बहुत आम मसाला हैं जिसका आम तौर पर खाना पकाने के लिए उपयोग किया जाता है। परंपरागत रूप से कई बीमारियों के उपचार के लिए उपयोग किया जाता है। लेकिन ज्यादा लौंग भी कुछ मामलों में हानिकारक हो सकती है।

ज्यादा लौंग खाने के नुकशान:

अगर ब्लड शुगर सामान्य स्तर से नीचे हैं, तो आपको जल्दी से लौंग के इस्तेमाल को कम करना होगा इस स्वास्थ्य की स्थिति में लौंग खाना बहुत खतरनाक है। लौंग खून में ग्लूकोज के स्तर को कम करता है।

# लौंग का ज्यादा इस्तेमाल करने से एलर्जी हो सकती है। लौंग में यूजेनॉल होता है और यह केमिकल एलर्जी का सबसे महत्वपूर्ण कारण है। लौंग की अत्यधिक मात्रा में सेवन से चकत्ते, सूजन, और पित्ती हो जाते हैं।

# लौंग का बहुत अधिक मात्रा में सेवन करने से लंबे समय तक खून बह सकता है। लौंग खून को पतला कर देता है इस वजह से ब्लीडिंग हो सकती है।