इन कारणों के चलते भी महिलाओं का हो सकता है गर्भपात

इन कारणों के चलते भी महिलाओं का हो सकता है गर्भपात

महिलाओं में प्रेगनेंसी के शुरूआती समय में गर्भपात का खतरा सबसे अधिक होता है। महिलाओं को इस दौरान काफी सावधानी बरतने की जरूरत होती है। कई महिलाएं ऐसी भी है जिन्हें यह नहीं पता होता कि वे गर्भवती है और उनका गर्भपात हो जाता है। अधिकतर गर्भपात 16 सप्ताहों के अंदर ही हो जाते है।

हो सकता है गर्भपात:

# गर्भपात में महिला के शरीर से भ्रूण का कुछ हिस्सा, प्लेसेंटा और शिशु के आसपास का तरल पदार्थ बाहर निकल जाता है। अधिकतर मिसकैरेज लगभग असामान्य क्रोमोसोम के कारण होते है। यदि मां की सेहत बिगड़ती है तब भ्रूण पर प्रभाव निश्चित रूप से होता है।

# प्रेगनेंसी के दौरान मां का हेल्दी रहना जरूरी है। प्रेगनेंसी के दौरान बच्चे को स्मोकिंग के कारण बहुत नुकसान होता है। स्मोकिंग से क्रोमोसोम में असमानताएं पैदा हो जाती है। इस कारण बच्चे का जन्म समय के पहले तक हो जाता है। 

# प्रेगनेंसी में कैफीन का सेवन कम करे. यह गर्भपात की संभावना को बढ़ाता है। टेंशन, फोलिक एसिड, एल्कोहल का सेवन करने से गर्भपात का खतरा बढ़ जाता है।


लौंग के ज्यादा सेवन से भी हो सकती है एलर्जी

लौंग के ज्यादा सेवन से भी हो सकती है एलर्जी

शरीर की कई बिमारियों का इलाज तो हमारे किचन में ही रहता है बस थोड़ा ध्यान देने की जरूरत होती है। लौंग बहुत आम मसाला हैं जिसका आम तौर पर खाना पकाने के लिए उपयोग किया जाता है। परंपरागत रूप से कई बीमारियों के उपचार के लिए उपयोग किया जाता है। लेकिन ज्यादा लौंग भी कुछ मामलों में हानिकारक हो सकती है।

ज्यादा लौंग खाने के नुकशान:

अगर ब्लड शुगर सामान्य स्तर से नीचे हैं, तो आपको जल्दी से लौंग के इस्तेमाल को कम करना होगा इस स्वास्थ्य की स्थिति में लौंग खाना बहुत खतरनाक है। लौंग खून में ग्लूकोज के स्तर को कम करता है।

# लौंग का ज्यादा इस्तेमाल करने से एलर्जी हो सकती है। लौंग में यूजेनॉल होता है और यह केमिकल एलर्जी का सबसे महत्वपूर्ण कारण है। लौंग की अत्यधिक मात्रा में सेवन से चकत्ते, सूजन, और पित्ती हो जाते हैं।

# लौंग का बहुत अधिक मात्रा में सेवन करने से लंबे समय तक खून बह सकता है। लौंग खून को पतला कर देता है इस वजह से ब्लीडिंग हो सकती है।