जानिए, प्री मैच्योर से जुड़े कुछ खास बाते

जानिए, प्री मैच्योर से जुड़े कुछ खास बाते

सामान्यतौर पर शिशु का जन्म 37 से 40 सप्ताह के बीच होता है लेकिन कुछ कारणों से कई शिशुओं का जन्म इससे पहले भी हो जाता है. ऐसे शिशु प्री मैच्योर कहलाते हैं. इनकी केयर अधिक करनी होती है क्योंकि इनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्युन सिस्टम ज्यादा निर्बल होता है. वे न केवल जल्दी बीमार हो जाते हैं बल्कि उन्हें अच्छा होने में भी अधिक समय लगता है.


कंगारू थैरेपी दें
प्री मैच्योर शिशु को केवल मां का दूध ही पिलाना चाहिए. उसे टच या कंगारू थैरेपी भी दें. इसमें मां शिशु को सीने से चिपकाकर रखती है. इम्युनिटी बढ़ती है.
हाइजीन का ध्यान रखें
घर में साफ-सफाई और हाइजीन का ध्यान रखें. रोज एंटीबैक्टीरियल या एंटीसेप्टिक लिक्विड से पोछा लगाएं. शिशुओं के कपड़े व बेडशीट प्रतिदिन बदलें. कुछ महीनों तक ऐसे शिशुओं को केवल मां ही छूए.
सही ढंग से सुलाएं
इनकी हड्डियां व मांसपेशियां बहुत निर्बल होती हैं. उन्हें ठीक ढंग से सुलाएं. मां अपने पेट पर सुला सकती है. बिस्तर भी मुलायम रखें.