जानें डायरेक्टर रूमी ने क्या दिया बिहार पुलिस को बयान

जानें डायरेक्टर रूमी ने क्या दिया बिहार पुलिस को बयान

बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु की मिस्ट्री सुलझाने में पटना पुलिस तेजी से जुटी है. मुंबई पहुंच कर टीम ने कई लोगों से बयान दर्ज किए. फिल्म निर्देशक रूमी जाफरी से भी एसआईटी ने बयान लिया. दरअसल, लॉकडाउन के बाद सुशांत व रिया रूमी की फिल्म में कार्य करने वाले थे. मार्च में उनकी बात रूमी जाफरी से हुई थी. तब सुशांत ने भी लॉकडाउन होने का हवाला दिया था. यह सुशांत व उनकी गर्लफ्रेंड रिया चक्रवर्ती की एक साथ पहली फिल्म थी. जाफरी ने बताया कि जब भी लॉकडाउन आगे बढ़ता था तो सुशांत अपसेट हो जाते थे. 

बांद्रा थाने पहुंची एसआईटी : 
एसआईटी में शामिल केस के आईओ और राजीवनगर थानेदार निशांत सिंह बांद्रा थाने पहुंचे. पुलिस टीम उस स्थान बहुत ज्यादा देर तक रही. वहां पोस्टमार्टम रिपोर्ट और इस केस से संबंधित अन्य साक्ष्यों के लिए मुंबई पुलिस को आवेदन भी दिया. सूत्रों की मानें तो मुंबई पुलिस ने लीगल एडवाइजर से बात यह तमाम चीजें सौंपने की बात कही है. 

रिया के कहने पर होता था हर कार्य : 

पुलिस टीम ने घर के स्वीपर से भी पूछताछ की. स्वीपर ने बताया कि रिया मैडम की इजाजत के बिना कोई भी घर में नहीं घुस सकता था. मैडम ही तय करती थीं कि सुशांत के कमरे को साफ करना है या नहीं. खासकर सुशांत के कमरे में किसी बाहरी कर्मी को जाने नहीं दिया जाता था. एक समय ऐसा आ गया, जब वे अपने ही कर्मियों से नहीं मिल पाते थे. 

मोबाइल फोन स्वीच ऑफ : 

रिया चक्रवर्ती अपने भाई शौविक चक्रवर्ती के साथ भूमिगत हो गई हैं. सूत्रों की मानें तो दोनों का मोबाइल बंद है. ऐसे में आसार जताई जा रही है कि पटना पुलिस की एसआईटी इनके विरूद्ध लुकआउट नोटिस जारी कराए, ताकि दोनों देश से बाहर न भाग सकें. इसके लिए संबंधित विभाग को लेटर भी लिख सकती है.

सूत्र बताते हैं कि एसआईटी लगातार रिया चक्रवर्ती पर नजर रख रही है. रिया के छुपने की स्थान का भी पता लग चुका है. मगर टीम सटीक समय का इंतजार कर रही है, ताकि उनसे सवालों के जवाब उगलवा सके. वैसे अब तक हुए घटनाक्रम से यह साफ है कि रिया व उसका भाई पटना पुलिस के सामने नहीं आना चाहती हैं. रिया जानती हैं कि जिन धाराओं में उन पर पटना पुलिस ने केस दर्ज किया है, उसमें बगैर वारंट भी गिरफ्तारी संभव है. सीनियर अपराधी लॉयर अरविंद कुमार मउआर ने बताया कि इन धाराओं के तहत पुलिस बिना वारंट अरैस्ट करने का अधिकार है