सेल्फ ड्राइविंग कार में मिलेगा ये जबरदस्त फीचर

सेल्फ ड्राइविंग कार में मिलेगा ये जबरदस्त फीचर

Apple एक ऑल-इलेक्ट्रिक सेल्फ-ड्राइविंग कार पर काम करने में लगी हुई है जिसे प्रोजेक्ट टाइटन नाम दिया जा सकता है यह सबसे अधिक हाइप वाले ऑटोमोटिव प्रॉजेक्ट में से एक होने के उपरांत भी, इसके बारे में डिटेल्स अब तक सामने नहीं आ पाई है हालांकि, एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि Apple ने अपनी पुरानी मूल पेटेंट फाइलिंग में से एक को एक ऐसी टेक्नोलॉजी पेश करने के लिए संशोधित किया है जो कार को सिरी के कमांड के साथ आईफोन की तरह काम करने वाली है साथ ही, संशोधित पेटेंट अपडेटेड ऑटोनॉमस ड्राइविंग टेक्नोलॉजी के साथ दिया जा रहा है

पेटेंट को "गाइडेंस ऑफ ऑटोनोमस व्हीकल्स इन डेस्टिनेशन विसिनिटिस यूजिंग इनटेंट सिग्नल्स" का भी नाम दिया जा चुका है और यह Smart Phone के टचस्क्रीन और वॉइस रिक्गनिशन सिस्टम का इस्तेमाल करने के लिए कार को पार्क करने या उसे परफेक्ट जगह पर लाने जैसे भिन्न भिन्न काम को करने के लिए एक ढंग के बारें में जानकारी देता है

पेटेंट ने दावा किया कि व्हीकल के नेविगेशन सिस्टम ड्राइवर को डेस्टिनेशन के करीब लाने में वास्तव में काम कर सकता है अब पेटेंट को अपडेट कर दिया गया है ताकि ऑटोनॉमस कार स्वयं को रीसाइज पार्किंग स्थल पर पार्क कर सके जहां मालिक इसे पार्क करना चाह रहा है या वह जगह जहां वह चाहता है कि वह कार को डेस्टिनेशन तक पहुंचने के उपरांत छोड़ सकता है यह टेक्नोलॉजी Apple कार की सेल्फ ड्राइविंग एबिलिटी को और भी अधिक बढ़ाई जाने वाली है Apple का आवाज से चलने वाला पर्सनल असिस्टेंट सिरी काम को करने में जरूरी हो सकता है Apple के पेटेंट से संकेत मिलता है कि कार को वॉयस कमांड के माध्यम से सिग्नल भी मिल जाएंगे उस ऑर्डर को प्राप्त करने के उपरांत, कार के सिस्टम ऑनबोर्ड कैमरों और सेंसर को परफेक्ट लोकेशन का पता लगाने और वहां पहुंचने में सक्षम बना रही है

रिपोर्ट का दावा है कि यह मूल पेटेंट 2019 में पंजीकृत भी किया जा चुका है, लेकिन हाल ही में इसे बहुत अपडेट किया गया है यह भी दावा करता है कि Apple ने अपने मूल पेटेंट फाइलिंग को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है और इसे नए के साथ बदल चुके है जबकि टेक कद्दावर द्वारा Apple कार की लॉन्च की तारीख का खुलासा नहीं किया गया है, यह 2025 में किसी भी वक़्त बाजार में आ सकती है


मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के नेतृत्व वाली टीम ने

मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई के नेतृत्व वाली टीम ने

कर्नाटक गवर्नमेंट ने बुधवार को बोला कि दावोस में विश्व आर्थिक मंच की बैठक “बहुत उपयोगी” साबित हुई है, क्योंकि सीएम बसवराज बोम्मई के नेतृत्व वाली टीम ने 52,000 करोड़ रुपये के कुल निवेश प्रवाह के लिए दो प्रमुख कंपनियों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं. सीएम कार्यालय ने एक बयान में बोला कि यह कर्नाटक की प्रमुख कंपनियों के मजबूत विश्वास और भरोसे का सबूत है और यह हाल के दिनों में राज्य द्वारा दर्ज किया गया सबसे बड़ा निवेश प्रस्ताव है. इन कंपनियों से अपेक्षित निवेश से हजारों लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे.

उद्योग मंत्री मुरुगेश निरानी और आईटी, बीटी मंत्री सी नश्वथ नारायण के सक्षम योगदान से राज्य गवर्नमेंट बोम्मई के नेतृत्व में निवेशकों को बड़े पैमाने पर लुभाने में सफल रही है.

डब्ल्यूईएफ की बैठक में आज बोम्मई का तीसरा दिन था, इस दौरान उन्होंने पूरे विश्व के कई व्यापारिक नेताओं के साथ वार्ता की.

रिन्यू पावर, अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में एक प्रमुख नाम, ने 50,000 करोड़ रुपये के निवेश के लिए राज्य गवर्नमेंट के साथ एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं.

यह देखते हुए कि कंपनी अगले 7 सालों में दो चरणों में नवीकरणीय ऊर्जा, बैटरी भंडारण और ग्रीन हाइड्रोजन में उत्पादन इकाइयां स्थापित करने का इरादा रखती है, विज्ञप्ति में बोला गया है, पहले चरण में राज्य में चल रही परियोजनाओं पर 11,900 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा और वे अगले 2 सालों में चालू हो जाएंगे.

दूसरे चरण में कंपनी अगले 5 सालों में अक्षय ऊर्जा और हरित हाइड्रोजन इकाइयों की स्थापना के लिए 37,500 करोड़ रुपये का निवेश करने की योजना बना रही है, यह कहते हुए कि दो चरणों में फैली परियोजनाओं से लगभग 30,000 लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे.

सीएम ने इसे कर्नाटक के अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में मील का पत्थर बताया है.

साथ ही, लुलु ग्रुप इंटरनेशनल कर्नाटक में 2,000 करोड़ रुपये के निवेश के लिए आगे आया है.

कंपनी 4 शॉपिंग मॉल और हाइपर बाजार खोलने का इरादा रखती है, और राज्य में निर्यात उन्मुख खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करने की भी इच्छुक है. विज्ञप्ति में बोला गया है कि परियोजनाओं से 10,000 लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की आशा है.

कर्नाटक को सबसे सुन्दर निवेश गंतव्य बनाने के अपने कोशिश के हिस्से के रूप में राज्य की दो नयी नीतियों – नयी आर एंड डी नीति और नयी रोजगार नीति पर प्रकाश डालते हुए, बोम्मई ने कॉर्पोरेट सम्मानों को ग्लोबल इन्वेस्टर्स मीट में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया. नवंबर में बेंगलुरु में और बेंगलुरु टेक समिट में आयोजित किया गया.

जिन कंपनियों ने कर्नाटक में निवेश करने के लिए रुचि दिखाई है उनमें सीमेंस शामिल है, जो चुंबकीय इमेजिंग और डायग्नोस्टिक्स पर ध्यान केंद्रित करते हुए बेंगलुरु में दो परियोजनाएं ले रही है और एक स्वास्थ्य संबंधी अनुसंधान एवं विकास परियोजना है.

राज्य गवर्नमेंट ने कंपनी को आधुनिक चिकित्सा उपकरणों के लिए अपनी उत्पादन इकाई स्थापित करने के लिए विशेष प्रोत्साहन का आश्वासन दिया है. तुमकुरु, हुबली-धारवाड़ और मैसूरु शहरों में निवेश आकर्षित करने के लिए ‘बियॉन्ड बेंगलुरु’ परियोजना पर भी चर्चा हुई.

डसॉल्ट सिस्टम्स कर्नाटक में इलेक्ट्रिक वाहनों, आधुनिक उत्पादन प्रणालियों, डिजिटल 4.0 प्रौद्योगिकी में विद्यार्थियों के लिए औद्योगिक प्रशिक्षण और स्मार्ट सिटी परियोजना में निवेश करने का इच्छुक है.

नेस्ले ने नंजनगुड में नेस्ले इंस्टेंट कॉफी इकाई के आधुनिकीकरण और विस्तार में रुचि दिखाई है.

भारती इंटरप्राइजेज के चेयरमैन एवं सीईओ सुनील भारती मित्तल ने राज्य में मेगा डाटा सेंटर स्थापित करने की मंशा जाहिर की है. राज्य गवर्नमेंट ने इसे साकार करने के लिए सभी आवश्यक योगदान का आश्वासन दिया है.

बोम्मई, जिन्होंने नोकिया के प्रमुख से मुलाकात की, ने सुझाव दिया कि दूरसंचार उत्पादों के निर्माण के लिए राज्य में अवसरों का अच्छा उपयोग करें.

नोकिया का बेंगलुरु में अपना सबसे बड़ा अनुसंधान केंद्र है, जिसमें 7,000 से अधिक टेक्नोक्रेट 5G, उन्नत 5G और 6G तकनीकों से संबंधित अनुसंधान में लगे हुए हैं.

उद्योग विभाग में अतिरिक्त मुख्य सचिव ईवी रमना रेड्डी, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव एन मंजूनाथ प्रसाद और उद्योग विभाग में आयुक्त गुंजन कृष्णा मुख्यमंत्री की टीम का हिस्सा थे.

मुख्यमंत्री के रूप में बोम्मई की यह पहली विदेश यात्रा थी. पहले कयास लगाए जा रहे थे कि वह दावोस की यात्रा करेंगे या नहीं.