SBI वरिष्ठ नागरिकों को दे रहा है इस खास Fixed Deposit योजना का लाभ

SBI वरिष्ठ नागरिकों को दे रहा है इस खास Fixed Deposit योजना का लाभ

State Bank Of India(SBI) ने कोविड-19 महामारी के दौरान, वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्पेशल Fixed Deposit Scheme (खास सावधि जमा योजना) को शुरू किया था। जिसे कि, SBI WECARE वरिष्ठ नागरिक' सावधि जमा योजना नाम दिया गया था। अगर आप भी वरिष्ठ नागरिकों की श्रेणी में आते हैं और सावधि जमा के तहत अपना पैसा जमा करना चाहते हैं तो आप इस स्कीम का लाभ उठा सकते हैं। आइए जानते हैं इस योजना के बारे में।

SBI WECARE स्कीम

SBI WECARE डिपॉजिट को रिटेल टीडी सेगमेंट में वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक विशेष योजना है। जिसमें , रिटेल टीडी सेगमेंट में वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक विशेष एसबीआई वीकेयर डिपॉजिट शुरू किया गया है, जिसमें वरिष्ठ नागरिकों को उनके रिटेल टीडी पर 5 साल के लिए 30 बीपीएस का अतिरिक्त प्रीमियम का भुगतान किया जाएगा।

हाल ही में देश के सबसे बड़े बैंक की तरफ से इस योजना की तारीख को आगे भी बढ़ाया गया था। पहले यह योजना सितंबर 2020 तक थी, लेकिन SBI ने इसे अगले साल मार्च के अंत तक बढ़ा दिया है।

सीनियर सिटिजन श्रेणी के नागरिकों के लिए SBI की विशेष एफडी योजना-वी केयर-वरिष्ठ नागरिकों को उनके Fixed Deposit पर 5 साल और उससे अधिक की अवधि के लिए अतिरिक्त 30 बीपीएस ब्याज दर देती है। मौजूदा वक्त में SBI आम जनता के लिए पांच साल की एफडी पर 5.4 फीसद ब्याज दर की पेशकश करती है। पर अगर कोई वरिष्ठ नागरिक स्पेशल FD स्कीम के तहत फिक्स्ड डिपॉजिट करता है तो FD पर 6.20 फीसदी ब्याज दर लागू होगी। ये दरें 8 जनवरी 2021 से प्रभावी हैं।


इन प्रमुख बैंकों ने भी शुरू की थी खास सावधि जमा योजना

SBI के अलावा, HDFC Bank, Bank Of Baroda (BOB) और Axis जैसे प्रमुख बैंकों ने भी वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष एफडी योजना को शुरू किया था।


टॉप 5 कंपनियों के बाजार मूल्यांकन में आई गिरावट, Reliance, TCS, और HUL को हुआ सबसे ज्यादा नुकसान

टॉप 5 कंपनियों के बाजार मूल्यांकन में आई गिरावट, Reliance, TCS, और HUL को हुआ सबसे ज्यादा नुकसान

भारत की टॉप 10 में से टॉप 5 कंपनियों के बाजार मूल्यांकन में पिछले सप्ताह गिरावट देखने को मिली। टॉप-5 कंपनियों का संयुक्त बाजार मूल्यांकन पिछले सप्ताह 1,42,880.11 करोड़ रुपये घट गया, जिसमें Hindustan Unilever, Reliance Industries and Tata Consultancy Services को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ।

Hindustan Unilever Ltd (HUL) का बाजार मूल्यांकन 45,523.33 करोड़ रुपये घटकर 5,76,836.40 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। वहीं, Reliance Industries Ltd (RIL) का बाजार मूल्यांकन 45,126.6 करोड़ रुपये घटकर 16,66,427.95 करोड़ रुपये का रह गया। Tata Consultancy Services (TCS) का बाजार मूल्यांकन 41,151.94 करोड़ रुपये घटकर 12,94,686.48 करोड़ रुपये रह गया।


इसके अलावा Bajaj Finance का बाजार मूल्यांकन (M-cap) 8,890.95 करोड़ रुपये गिरकर 4,65,576.46 करोड़ रुपये का रह गया। जबकि, HDFC बैंक लिमिटेड के बाजार मूल्यांकन में 2,187.29 करोड़ रुपये की गिरावट देखने को मिली और इसका बाजार मूल्यांकन 9,31,371.72 करोड़ रुपये पर आ गया।

इन कंपनियों के अलावा बाकी की कंपनियों के बाजार मूल्यांकन में बढ़त देखने को मिली। इसमें Kotak Mahindra Bank ने 30,747.78 करोड़ रुपये जोड़े, जिससे उसका मूल्यांकन 4,30,558.09 करोड़ रुपये हो गया। ICICI Bank का बाजार मूल्यांकन 22,248.14 करोड़ रुपये बढ़कर 5,26,497.27 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।


HDFC का मूल्यांकन 17,015.22 करोड़ रुपये बढ़कर 5,24,877.06 करोड़ रुपये का हो गया। State Bank of India का बाजार मूल्यांकन 11,111.14 करोड़ रुपये बढ़कर 4,48,863.34 करोड़ रुपये का हो गया। वहीं, Infosys ने 1,717.96 करोड़ रुपये जोड़े और इसका मूल्यांकन 7,29,410.37 करोड़ रुपये हो गया।

इसके अलावा पिछले हफ्ते बीएसई के 30 शेयरों वाले बेंचमार्क सेंसेक्स में 484.33 अंक या 0.79 फीसदी की गिरावट देखने को मिली थी। सेंसेक्स के साथ निफ्टी में भी शुक्रवार को गिरावट देखने को मिली थी।

शीर्ष -10 सबसे मूल्यवान कंपनियों की रैंकिंग में, रिलायंस ने अपना पहला स्थान बरकरार रखा है। उसके बाद टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, इंफोसिस, एचयूएल, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी, बजाज फाइनेंस, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और कोटक महिंद्रा बैंक का नंबर आता है।