जॉब में कमी व खर्च में कटौती से देश की जीडीपी 6.4 फीसदी तक हो सकती है कम

जॉब में कमी व खर्च में कटौती से देश की जीडीपी 6.4 फीसदी तक हो सकती है कम

देश में अभी भी लगाए गए विभिन्न प्रतिबंधों से अर्थव्यवस्था 5 फीसदी के अनुमानित स्तर से अधिक सिकुड़ सकती है. केयर रेटिंग्स की एक रिपोर्ट में बोला गया है कि कोरोना से आर्थिक संकट के समय मांग में गिरावट, जॉब में नुकसान होने व खर्च करने में कमी जीडीपी 6.4 फीसदी तक कम हो सकती है.

आर्थिक सेक्टर की दो तिहाई कंपनियां 50-70 फीसदी क्षमता पर कार्य करेंगी

रिपोर्ट में बोला गया है कि आर्थिक सेक्टर्स की दो तिहाई कंपनियां तीसरी तिमाही के अंत तक 50-70 फीसदी क्षमता पर कार्य करेंगी. बाकी सेक्टर्स इस स्तर तक भी नहीं पहुंच सकते हैं. हॉस्पिटैलिटी, पर्यटन, एंटरटेनमेंट व ट्रैवेल जैसी सेवाओं को कोरोना से पहले के स्तर पर पहुंचने में लंबा समय लगने का अनुमान है. इससे संकट में इजाफा ही होगा.

कृषि क्षेत्र में अच्छी वृद्धि होने का अनुमान

हालांकि यह अनुमान लगाया गया है कि कृषि क्षेत्र में सकारात्मक वृद्धि होगी, लेकिन कृषि के ज्यादा उत्पादन से किसानों की आय नहीं बढ़ेगी. ऐसा इसलिए क्योंकि अलावा आपूर्ति से कीमतों में कमी आ सकती है. इसलिए ग्रामीण खपत बढ़ने से गैर-कृषि क्षेत्र में कम खर्च की भरपाई नहीं हो सकेगी. केयर की रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीण खपत बढ़ने से गैर-कृषि क्षेत्र में होने वाले कम खर्च की भरपाई नहीं हो सकेगी.

कई सेक्टर में 8.5 फीसदी से ज्यादा गिरावट की आशंका

केयर रेटिंग्स की रिपोर्ट में यह भी बोला गया है कि मैन्यूफैक्चरिंग, माइनिंग व बिजली सहित सेकंडरी सेक्टर में वित्त साल 2021 में 9.5 फीसदी की तेज गिरावट का सामना करना पड़ सकता है. मैन्यूफैक्चरिंग सहित सेवा क्षेत्र इसी अवधि में 6.5 फीसदी तक सिकुड़ सकता है. रिपोर्ट में बोला गया है कि जॉब में नुकसान व वेतन में कटौती से लोगों को त्योहारों के दौरान भी कम खर्च करने के लिए विवश होना पड़ेगा.

बाजार को भी लगा है झटका

रेटिंग एजेंसी ने मई में लगभग 1.6 फीसदी के वार्षिक गिरावट की भविष्यवाणी की थी. हालांकि, अर्थव्यवस्था में जारी संकट की संभावना के तहत इसने अनुमानों को बहुत ज्यादा बदला है. हिंदुस्तान की अर्थव्यवस्था कम से कम तीन वर्ष से कम मांग के चलते कई नकारात्मक जोखिमों का सामना कर रही है. कोरोनावायरस महामारी के असर ने मार्केट को व झटका दिया है. इससे निकट भविष्य में स्थिति व चिंताजनक हो सकती है.

हालांकि, जैसे ही हिंदुस्तान ने लॉकडाउन प्रतिबंधों से बाहर कदम रखा है रिकवरी की हरी झंडी भी दिखाई देने लगी है.