सितंबर में आधा हुआ प्राइवेट इक्विटी और वेंचर कैपिटल निवेश

सितंबर में आधा हुआ प्राइवेट इक्विटी और वेंचर कैपिटल निवेश

एक रिपोर्ट के मुताबिक सितंबर में प्राइवेट इक्विटी और कैपिटल फंड द्वारा किया गया निवेश घटकर आधे से भी कम रह गया। यह 4.8 अरब डॉलर का रह गया जो कि अगस्त में 10.9 अरब अमेरिकी डॉलर था। हालांकि, यह पिछले साल इसी अवधि में 4.3 अरब डॉलक की तुलना में अधिक है।

रिपोर्ट में यह बताया गया है कि, क्वाटरली बेसिस पर जुलाई से सितंबर की अवधि में निवेश 3.4 गुना बढ़कर 25.3 बिलियन अमरीकी डालर हो गया था। EY में पार्टनर विवेक सोनी के मुताबिक, "हमारे विचार में, हम साल 2021 में प्राइवेट इक्विटी और वेंचर कैपिटल का निवेश देख सकते हैं। जो कि क्रमशः 70 बिलियन अमरीकी डालर और 50 बिलियन अमरीकी डालर से अधिक का हो सकता हैं।"

इसी दौरान, ग्रांट थॉर्नटन भारत ने भी अपनी डील ट्रैकर रिपोर्ट को पेश किया है। जिसमें यह बताया गया है कि सितंबर 2021 की तिमाही में 30 बिलियन अमरीकी डालर के 597 लेनदेन हुए थे, जिसमें 5 बिलियन अमरीकी डालर के IPO भी शामिल थे।


इस बारे में शांति विजेता ने बयान देते हुए यह कहा कि, इस वर्ष में हर तिमाही में वृद्धि देखी गई है और हम आने वाली तिमाहियों के लिए इसके जारी रहने की उम्मीद करते हैं।"

EY और IVCA की रिपोर्ट में कहा गया है कि, प्राइवेट इक्विटी और वेंचर कैपिटल निवेश में 23 बिलियन अमरीकी डालर का उच्चतम तिमाही मूल्य दर्ज किया गया है। जो कि एक साल पहले की अवधि में दर्ज 9.7 बिलियन अमरीकी डालर का 2.4 गुना था। यह जून 2021 तिमाही में दर्ज 14.1 बिलियन अमरीकी डालर से 63 फीसद तक अधिक है। हालांकि, इसमें रियल एस्टेट और बुनियादी ढांचे में निवेश शामिल नहीं है।

PIPE (सार्वजनिक इक्विटी में निजी निवेश) निवेश ने रिपोर्टिंग तिमाही में 23 सौदों में 1.3 बिलियन अमरीकी डालर दर्ज किया गया था। जबकि एक साल पहले की अवधि में 18 सौदों में 1.8 बिलियन अमरीकी डालर और जून 2021 तिमाही में 18 सौदों में 619 मिलियन अमरीकी डालर थे।


टॉप 5 कंपनियों के बाजार मूल्यांकन में आई गिरावट, Reliance, TCS, और HUL को हुआ सबसे ज्यादा नुकसान

टॉप 5 कंपनियों के बाजार मूल्यांकन में आई गिरावट, Reliance, TCS, और HUL को हुआ सबसे ज्यादा नुकसान

भारत की टॉप 10 में से टॉप 5 कंपनियों के बाजार मूल्यांकन में पिछले सप्ताह गिरावट देखने को मिली। टॉप-5 कंपनियों का संयुक्त बाजार मूल्यांकन पिछले सप्ताह 1,42,880.11 करोड़ रुपये घट गया, जिसमें Hindustan Unilever, Reliance Industries and Tata Consultancy Services को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ।

Hindustan Unilever Ltd (HUL) का बाजार मूल्यांकन 45,523.33 करोड़ रुपये घटकर 5,76,836.40 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। वहीं, Reliance Industries Ltd (RIL) का बाजार मूल्यांकन 45,126.6 करोड़ रुपये घटकर 16,66,427.95 करोड़ रुपये का रह गया। Tata Consultancy Services (TCS) का बाजार मूल्यांकन 41,151.94 करोड़ रुपये घटकर 12,94,686.48 करोड़ रुपये रह गया।


इसके अलावा Bajaj Finance का बाजार मूल्यांकन (M-cap) 8,890.95 करोड़ रुपये गिरकर 4,65,576.46 करोड़ रुपये का रह गया। जबकि, HDFC बैंक लिमिटेड के बाजार मूल्यांकन में 2,187.29 करोड़ रुपये की गिरावट देखने को मिली और इसका बाजार मूल्यांकन 9,31,371.72 करोड़ रुपये पर आ गया।

इन कंपनियों के अलावा बाकी की कंपनियों के बाजार मूल्यांकन में बढ़त देखने को मिली। इसमें Kotak Mahindra Bank ने 30,747.78 करोड़ रुपये जोड़े, जिससे उसका मूल्यांकन 4,30,558.09 करोड़ रुपये हो गया। ICICI Bank का बाजार मूल्यांकन 22,248.14 करोड़ रुपये बढ़कर 5,26,497.27 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।


HDFC का मूल्यांकन 17,015.22 करोड़ रुपये बढ़कर 5,24,877.06 करोड़ रुपये का हो गया। State Bank of India का बाजार मूल्यांकन 11,111.14 करोड़ रुपये बढ़कर 4,48,863.34 करोड़ रुपये का हो गया। वहीं, Infosys ने 1,717.96 करोड़ रुपये जोड़े और इसका मूल्यांकन 7,29,410.37 करोड़ रुपये हो गया।

इसके अलावा पिछले हफ्ते बीएसई के 30 शेयरों वाले बेंचमार्क सेंसेक्स में 484.33 अंक या 0.79 फीसदी की गिरावट देखने को मिली थी। सेंसेक्स के साथ निफ्टी में भी शुक्रवार को गिरावट देखने को मिली थी।

शीर्ष -10 सबसे मूल्यवान कंपनियों की रैंकिंग में, रिलायंस ने अपना पहला स्थान बरकरार रखा है। उसके बाद टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, इंफोसिस, एचयूएल, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी, बजाज फाइनेंस, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और कोटक महिंद्रा बैंक का नंबर आता है।