लगातार नौ दिनों से नहीं बदले पेट्रोल-डीजल के दाम, जाने वजह

लगातार नौ दिनों से नहीं बदले पेट्रोल-डीजल के दाम, जाने वजह

कोरोना वायरस पूरी संसार के लिए चिंता का विषय बन चुका है. हिंदुस्तान में इसके मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. इसके मद्देनजर हिंदुस्तान में 14 अप्रैल तक पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की गई है. लोग घरों से बाहर नहीं निकल रहे. सड़कों पर बहुत ज्यादा कम गाड़ियां दिखाई दे रही हैं. इसका सीधा प्रभाव पेट्रोल-डीजल की मांग पर पड़ा है. कच्चे ऑयल के भाव 30 डॉलर से नीचे होने के बावजूद घरेलू तेल मार्केटिंग कंपनियां पेट्रोल-डीजल के भाव कम नहीं कर ही हैं. आज भी इसमें कोई परिवर्तन नहीं हुआ है. 16 मार्च को जो दाम थे, वही बने हुए हैं.

आइए जानते हैं आईओसीएल की वेबसाइट के अनुसार देश में ग्राहकों को एक लीटर ऑयल कितने रुपये में मिल जाएगा.

प्रमुख महानगरों में इतना है दाम
आईओसीएल की वेबसाइट के अनुसार, आज दिल्ली, कोलकाता मुंबई व चेन्नई में एक लीटर पेट्रोल की मूल्य क्रमश: 69.59, 72.29, 75.30 व 72.28 रुपये है. डीजल की बात करें, तो दिल्ली, कोलकाता मुंबई व चेन्नई में इसका दाम क्रमश: 62.29, 64.62, 65.21 व 65.71 रुपये है. 

कभी भी बढ़ सकती है कीमत
मालूम हो कि केन्द्र सरकार ने कानून में संशोधन कर पेट्रोल व डीजल पर उत्पाद शुल्क में आठ रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि करने का अधिकार हासिल कर लिया है. यानी भविष्य में भविष्य में पेट्रोल व डीजल पर उत्पाद शुल्क में आठ रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की जा सकती है. इसका सीधा प्रभाव आम आदमी पर पड़ेगा क्योंकि उन्हें एक लीटर पेट्रोल और डीजल के लिए ज्यादा पैसे चुकाने होंगे.

प्रति दिन छह बजे बदलती है कीमत
बता दें कि प्रति दिन प्रातः काल छह बजे पेट्रोल व डीजल की कीमतों में परिवर्तन होता है. प्रातः काल छह बजे से ही नयी दरें लागू हो जाती हैं. पेट्रोल और डीजल के दाम में मूल्य में एक्साइज ड्यूटी, डीलर कमीशन व अन्य चीजें जोड़ने के बादल इसका दाम लगभग दोगुना हो जाता है.

कीमत तय करने का ये है आधार
विदेशी मुद्रा दरों के साथ अंतर्राष्ट्रीय मार्केट में क्रूड की कीमतें क्या हैं, इस आधार पर रोज पेट्रोल व डीजल की कीमतों में परिवर्तन होता है. इन्हीं मानकों के आधार पर पर पेट्रोल रेट व डीजल रेट रोज तय करने का कार्य ऑयल कंपनियां करती हैं.

डीलर भी जोड़ते हैं अपना मार्जिन
डीलर पेट्रोल पंप चलाने वाले लोग हैं. वे खुद को खुदरा कीमतों पर उपभोक्ताओं के अंत में करों व अपने खुद के मार्जिन जोड़ने के बाद पेट्रोल बेचते हैं. पेट्रोल रेट व डीजल रेट में यह कॉस्ट भी जुड़ती है.