सुकन्या समृद्धि योजना के ब्याज दरों में हुई कटौती, जाने इस योजना से जुड़ी खास बातें

सुकन्या समृद्धि योजना के ब्याज दरों में हुई कटौती, जाने इस योजना से जुड़ी खास बातें

सरकार ने 1 अप्रैल से छोटी बचत योजनाओं (small savings schemes) पर ब्याज दरों में कटौती की है. इन योजनाओं में सुकन्या समृद्धि योजना भी शामिल है. इसमें पहले 8.4 प्रतिशत सालाना ब्याज मिलता था लेकिन इस पर अब7.6 प्रतिशत की दर से ब्याज मिलेगा. ब्याज दर में कटौती के चलते भविष्य में आपकीबेटीको मिलने वाली रकम 8 लाख रुपए तक कम हो सकती है. हम आपको बता रहे हैं कि अब आपको पहले से कितना कम लाभ होगा.


ऐसे समझें पूरा कैल्कुलेशन
मान लीजिए कि आप अपनी बेटी के नाम पर सुकन्या समृद्धि एकाउंट में हर वर्ष 1.5 लाख रुपए की रकम 21 वर्षों तक जमा करते हैं तो आपको 7.6 प्रतिशत के ब्याज के आधार पर 65,93,071 रुपए की रकम मिलेगी. वहीं 8.4 प्रतिशत ब्याज पर आपको 73,90,043 रुपए मिलते. इस तरह ब्याज दर में कटौती से आपको कुल 7,96,971 रुपए कम मिलेंगे.


इस योजना से जुड़ी खास बातें

  • अब उपभोक्ता केवल 250 रुपए में ही खाता खोल सकेगा. इसमें न्यूनतम बैलेंस पहले जहां एक हजार रखना होता था वहीं अब मात्र 250 रुपए से ही खाता मेंटेन करना होगा. इसके बाद में 100 रुपए के गुणक में पैसे जमा कराए जा सकते हैं.
  • सुकन्या समृद्धि योजना के तहत एकाउंट किसी बच्ची के जन्म लेने के बाद 10 वर्ष की आयु से पहले ही खोला जा सकता है. चालू वित्त साल में सुकन्या समृद्धि योजना के तहत अधिकतम 1.5 लाख रुपए जमा कराए जा सकते हैं.
  • लड़की के 21 वर्ष का होने या लड़की की विवाह होने के बाद एकाउंट मैच्योर हो जाएगा व आपको पूरा पैसा ब्याज सहित मिल जाएगा.
  • अब बच्ची की मृत्यु या उसके अभिभावक की मृत्यु होने के बाद खाता बंद करने की सुविधा भी मिलेगी. इसके बाद सुकन्या समृद्धि योजना खाते में जमा रकम बच्ची के अभिभावक या बच्ची को ब्याज सहित वापस मिल सकती है.
  • दूसरे मामलों में खाता खोलने से 5 वर्ष के बाद बंद किया जा सकता है. यह भी कई परिस्थितियों में किया जा सकता है, जैसे कोई खतरनाक बीमारी होने पर या अगर किसी दूसरे कारण से खाता बंद किया जा रहा हो तो इसकी इजाजत दी जा सकती है, लेकिन उस पर ब्याज सेविंग एकाउंट के हिसाब से मिलेगा.
  • सुकन्या समृद्धि योजना खाते से 18 वर्ष की आयु के बाद बच्चे की उच्च एजुकेशन के लिए खर्च के मुद्दे में 50 प्रतिशत तक रकम निकाली जा सकती है.
  • इसमें खाता खोलने के लिए बच्ची का बर्थ सर्टिफिकेट देना महत्वपूर्ण है. इसके साथ ही बच्ची व अभिभावक के पहचान व एड्रैस का प्रमाण भी देना होता है.
  • यह खाता देशभर में कहीं भी ट्रांसफर कराया जा सकता है, अगर खाताधारक खाता खोलने की मूल स्थान से कहीं व शिफ्ट हो गया हो. इसमें लिए आपको कोई शुल्क नहीं देना होता.
  • अगर खाता 21 वर्ष पूरा होने से पहले बंद कराया जा रहा है तो खाताधारक को यह एफिडेविट देना पड़ेगा कि खाता बंद करने के समय उसकी आयु 18 वर्ष से कम नहीं है.
  • योजना के तहत खाता सिर्फ भारतीय नागरिक का खोला जा सकता है, जो यहीं रह रहा हो व मैच्योरिटी के वक्त भी यहीं रह रहा हो.


छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दर में हुई कटौती
सरकार ने छोटी बचत योजनाओं (small savings schemes) पर ब्याज दरों में 1.40 प्रतिशत तक कटौती की है. छोटी जमाओं पर ब्याज दर में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है, जिस पर 4 प्रतिशत ब्याज मिलती है. नयी ब्याज दरें 1 अप्रैल से लागू हो गई है. बताते चलें कि सरकार को हर तिमाही में ब्याज दरों पर निर्णय लेती है. वित्त मंत्री ने एक अधिसूचना में कहा, ''विभिन्न लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरों को वित्त साल 2020-21 की अप्रैल-जून तिमाही के लिए संशोधित किया गया है. ''