IT कंपनियों के नतीजों ने दिखाई इकोनॉमी में सुधार की तस्वीर, इन कंपनियों को दिसंबर तिमाही में हुआ जबरदस्त फायदा

IT कंपनियों के नतीजों ने दिखाई इकोनॉमी में सुधार की तस्वीर, इन कंपनियों को दिसंबर तिमाही में हुआ जबरदस्त फायदा

जीएसटी संग्रह और अन्य आर्थिक संकेतकों के साथ-साथ देश की इकोनॉमी में सुधार की गवाही आइटी कंपनियों के तिमाही नतीजे भी दे रहे हैं। देश की दूसरी सबसे बड़ी आइटी कंपनी इन्फोसिस ने दिसंबर, 2020 को समाप्त हुई तिमाही में 5,197 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया है। सालभर पहले के 4,457 करोड़ के मुकाबले कंपनी के मुनाफे में 16.6 फीसद की वृद्धि हुई है। आइटी फर्म विप्रो का मुनाफा भी करीब 21 फीसद बढ़ा है।

इन्फोसिस ने रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया कि चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर, 2020) में कंपनी का राजस्व 12.3 फीसद बढ़कर 25,927 करोड़ रुपये रहा। सालभर पहले यह 23,092 करोड़ था।

Infosys के सीईओ और एमडी सलिल पारेख ने कहा, 'इन्फोसिस की टीम ने एक और तिमाही में शानदार नतीजे दिए हैं। डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर केंद्रित रहते हुए क्लाइंट के अनुरूप रणनीति ने हमें लगातार विकास की राह पर आगे बढ़ाया है। वैनगार्ड, डेमलर और रोल्स रॉयस जैसी अग्रणी कंपनियों के साथ क्लाइंट पार्टनरशिप इन्फोसिस की डिजिटल एवं क्लाउड कैपेबिलिटी का प्रमाण है।' उन्होंने आगे भी बेहतर प्रदर्शन का भरोसा जताया।

आइटी फर्म विप्रो ने भी बीती तिमाही में करीब 21 फीसद की बढ़ोतरी के साथ 2,968 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी का मुनाफा 2,455.9 करोड़ रुपये रहा था। कंपनी का राजस्व 15,470.5 करोड़ रुपये से 1.3 फीसद बढ़कर 15,670 करोड़ रुपये रहा।

व्रिपो के सीईओ एवं मैनेजिंग डायरेक्टर थियरी डेलापोर्ट ने कहा, 'व्रिपो ने लगातार दूसरी तिमाही में ऑर्डर बुकिंग, रेवेन्यू और मार्जिन के मामले में मजबूत प्रदर्शन किया है। हमने कांटिनेंटल यूरोप में अपनी सबसे बड़ी डील की है।' उन्होंने कहा कि डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, डिजिटल ऑपरेशंस एवं क्लाउड सर्विस की मांग लगातार बढ़ रही है। कंपनी ने एक रुपये प्रति शेयर के लाभांश का एलान किया है।


उल्लेखनीय है कि देश की सबसे बड़ी आइटी फर्म टीसीएस ने शुक्रवार को तिमाही नतीजे जारी किए थे। बीती तिमाही में कंपनी का मुनाफा 7.2 फीसद बढ़कर 8,701 करोड़ रुपये रहा। सालभर पहले कंपनी का मुनाफा 8,118 करोड़ रुपये था।


निवेशकों के लिए टाइमिंग समझना होता है बड़ी उलझन, यह रणनीति आएगी काम

निवेशकों के लिए टाइमिंग समझना होता है बड़ी उलझन, यह रणनीति आएगी काम

बाजार जब भी तेजी के सफर पर होता है, तो अक्सर होल्डिंग पैनिक यानी निवेश को बनाए रखने का डर देखने को मिलता है। निवेशक इस उलझन में रहते हैं कि निवेश को बेचकर मुनाफा कमाने की सही टाइमिंग क्या है? ऐसे में समझना जरूरी है कि निवेश बेचकर निकल लेना टाइमिंग नहीं है। पोर्टफोलियो में सही असेट अलोकेशन ज्यादा जरूरी है।

इस समय बहुत से इक्विटी निवेशकों को डर सता रहा है कि बाजार काफी ऊपर चला गया है और अब इसमें बड़ी गिरावट के हालत बन रहे हैं। कुछ निवेशकों को लग रहा है कि उन्हें अपना निवेश बेचकर लाभ कमा लेना चाहिए। लेकिन फिर वे यह भी नहीं चाहते हैं कि उनकी रकम बैंक में बेकार पड़ी रहे और दूसरे लोग अमीर बनते रहें। ध्यान रहे, मैं यह नहीं कह रहा हूं कि बाजार में गिरावट की आशंका को लेकर वे सही हैं या गलत हैं।

पिछले चार सप्ताह से सेंसेक्स नई ऊंचाई पर है और निवेशक इससे डर रहे हैं। निवेश की दुनिया में कई तरह के डर होते हैं। जब बाजार तेजी से गिरने लगता है तो निवेश बेचने का डर काम करता है। इसे सेलिंग पैनिक भी कहते हैं। कुछ लोग बाइंग पैनिक से भी परिचित होंगे। बाइंग पैनिक यानी निवेश खरीदने का डर। यह डर तब काम करता है जब बाजार तेजी से ऊपर चढ़ने लगता है।

अभी कुछ निवेशक जिस डर का अनुभव कर रहे हैं, वह तीसरे तरह का डर है। इसे होल्डिंग पैनिक कहा जा सकता है। यानी निवेश बनाए रखने को लेकर डर। वे अपना निवेश बनाए हुए हैं, लेकिन इस बात को लेकर डरे हुए हैं कि आगे क्या होगा। हाल में कई लोगों ने ऐसे सवाल किए हैं कि उन्हें अभी क्या करना चाहिए।

पिछले 20 साल में हमने ऐसे कई दौर देखे हैं। हर बार बाजार जब अपने उच्चतम स्तर पर होता है तो इसी तरह का होल्डिंग पैनिक पैदा होता है। हालांकि याद रखना चाहिए कि इस तरह के हालात का सबक यह नहीं है कि सही समय पहचान कर बाजार से निवेश बेचकर निकल लेना चाहिए।

निवेशक अक्सर सोचते हैं कि निवेश बेचकर निकलने का सही समय क्या है। उन्हें लगता है कि तेजी का यह दौर सही टाइमिंग है। हालांकि बाजार में तेजी का दौर लंबे समय तक बना रह सकता है। मुझे अब भी याद है कि बहुत से निवेशक 2004 में इस तरह की मनोदशा में थे और बाजार में तेजी का दौर लगभग चार साल तक जारी रहा। बाजार में तेजी का दौर सालों तक जारी रह सकता है।

टाइमिंग का मतलब निवेश बेचकर मुनाफा कमा लेना नहीं है। समाधान यह है कि जब बाजार में इस तरह के हालात बनें, तो आपका असेट अलोकेशन सटीक हो और आपके पास सिर्फ उच्च गुणवत्ता वाले स्टॉक्स होने चाहिए। निश्चित तौर पर जब बाजार में गिरावट आएगी तो आप रकम गंवाएंगे। हालांकि, अगर आपका असेट अलोकेशन तार्किक है और आप इसे बनाए रखते हैं, तो आपको फिक्स्ड असेट से काफी फायदा होगा। मैं कोई काल्पनिक बात नहीं कर रहा हूं, बल्कि हाल के दशकों में बाजार में तेजी, गिरावट और फिर तेजी के चक्र में स्मार्ट निवेशक इसी तरह से सफल हुए हैं।


केविन पीटरसन ने कहा कि इंग्लैंड अगर सर्वश्रेष्ठ टीम के साथ नहीं खेला, तो ये टीम इंडिया का अपमान होगा       भारत की जीत के बाद गावस्कर ने खास अंदाज में मनाया था जश्न, कहा...       अजिंक्य रहाणे की सफलता से विराट कोहली पर बढ़ा दबाव, दिग्गज बोले...       पाकिस्तान के खिलाड़ियों को बड़ी टीमों के खिलाफ कैसे खेलना है, बाबर आजम ने बताया       जो रूट ने श्रीलंका के खिलाफ शतक लगाकर बतौर कप्तान बनाया नया वर्ल्ड रिकॉर्ड, विराट, सचिन व फ्लेमिंग पीछे छूटे       अब आएगा इस स्पिनर का टाइम, ऑस्ट्रेलिया में नहीं खेल पाए एक भी मैच       इन दिग्गजों का नाम है शामिल, Ind vs Eng टेस्ट सीरीज के लिए कमेंट्री टीम का ऐलान!       इंग्लैंड के खिलाफ स्टेडियम में दिख सकते हैं दर्शक, लेकिन...       पाकिस्तान ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ कराची टेस्ट के लिए टीम की घोषणा की, इतने अकैप्ड खिलाड़ियों को मिला मौका       शार्दुल ठाकुर को ब्रिसबेन टेस्ट के बाद मिला नया 'निकनेम', सचिन तेंदुलकर का नाम भी साथ जोड़ा गया       अगले वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा 5.5 फीसद तक सिमटने का अनुमान, कोरोना काल में सरकार के वित्तीय प्रबंधन का दिखेगा असर       निवेशकों के लिए टाइमिंग समझना होता है बड़ी उलझन, यह रणनीति आएगी काम       इलेक्ट्रिक कार उद्योग को बजट से बड़ी सौगात की उम्मीद, चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने में प्रोत्साहन की दरकार       अपने पिछले उच्च स्तर से 8,000 रुपये टूट चुका है सोना, चांदी भी 12,500 रुपये टूटी       इस महीने भी विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक बने हुए हैं शुद्ध खरीदार, अब तक कर चुके हैं 18,456 करोड़ रुपये का निवेश       बजट से पहले भी बाजार में आ सकती है अच्छी खासी गिरावट, जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट       Budget 2021: भारतीय कंपनियों ने Deloitte सर्वे में बताई बजट को लेकर अपनी उम्मीदें       कौन हैं नताशा दलाल को महेंदी लगाने वाली आर्टिस्ट वीना नगाड़ा, ईशा अंबानी और दीपिका को भी कर चुकी हैं तैयार       रिचा चड्ढा ने कहा कि जब तक लोकतंत्र है लोगों को मुखर होना चाहिए       Bigg Boss 14 : सोनाली फोगाट को खाने को लेकर निक्की, अर्शी और रुबीना से पड़ी जमकर डांट