विदेशी निवेशकों को खूब भा रहे भारतीय बाजार, जून में 26 हजार करोड़ से अधिक का निवेश

विदेशी निवेशकों को खूब भा रहे भारतीय बाजार, जून में 26 हजार करोड़ से अधिक का निवेश

विभिन्न रेटिंग एजेंसियों की ओर से सॉवरेन रेटिंग घटाने के बाद भी विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) का हिंदुस्तान पर भरोसा बना हुआ है. यही कारण है कि एफपीआई ने जून 2020 में भारतीय बाजारों में 26 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का निवेश किया है. एफपीआई की ओर से पिछले 15 महीनोंमें किए गए निवेश में यह सबसे ज्यादा निवेश है.

जून में इक्विटी में 21,832 करोड़ रुपए का निवेश

नेशनल सिक्योरिटी डिपॉजिटरी लिमिटेड (एनएसडीएल) के डाटा के मुताबिक, एफपीआई ने जून महीने में कुल 26,009 करोड़ रुपए का निवेश किया है. डाटा के मुताबिक, एफपीआई ने इसमें से 21,832 करोड़ रुपए का निवेश इक्विटी बाजार में किया है. इसके अतिरिक्त डेट-वीआरआर में 3,766 करोड़ रुपए व हाइब्रिड फंड में 1,957 करोड़ रुपए का निवेश किया है. हालांकि, इस अवधि में एफपीआई डेट बाजार से 1,545 करोड़ रुपए की निकासी की है.

मार्च 2019 में किया था 48,751 करोड़ का निवेश

एनएसडीएल के डाटा के मुताबिक, विदेशी निवेशकों ने मार्च 2019 में भारतीय बाजारों में 48,751 करोड़ रुपए का निवेश किया था. इसमें 33,981 करोड़ रुपए का निवेश इक्विटी में किया गया था. इसके बाद एफपीआई ने किसी भी महीने में 25 हजार करोड़ रुपए से अधिक का निवेश नहीं किया था. नवंबर (22,999 करोड़ रुपए) के निवेश को छोड़ दें तो मार्च 2019 से मई 2020तक किसी भी महीने में एफपीआई का निवेश 20 हजार करोड़ तक नहीं पहुंच पाया था.

अभी भी निगेटिव है विदेशी निवेश

2020 में भारतीय मार्केट में विदेशी निवेश अभी भी निगेटिव बना हुआ है. जनवरी से जून तक एफपीआई ने हिंदुस्तान में 35,936 करोड़ रुपए का निवेश किया है जबकि 1,40,418 करोड़ रुपए की निकासी की है. इस प्रकार विदेशी निवेश अभी भी -1,04,482 पर बना हुआ है. कोरोनावायरस संक्रमण के कारण लगाए गए लॉकडाउन के चलते एफपीआई ने मार्च में ही 1,18,203 करोड़ रुपए की निकासी की थी.

इक्विटी मार्केट में इस वर्ष का एफपीआई निवेश

माह निवेश
जनवरी 12,123
फरवरी 1,820
मार्च -61,973
अप्रैल -6,884
मई 14569
जून 21,832

नोट: समस्त राशि करोड़ रुपए में है.

मूडीज ने Baa3 कर दी थी सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग

रेटिंग एजेंसी मूडीज ने पिछले महीने हिंदुस्तान की सॉवरेन रेटिंग को Baa2 से घटाकर Baa3 कर दिया था. पिछले 22 सालों में पहली बार मूडीज ने हिंदुस्तान की रेटिंग में कमी की है. इसके अतिरिक्त आउटलुक को नेगेटिव कर दिया है. इसके अतिरिक्त फिच रेटिंग ने भी लॉन्ग टर्म फॉरेन करेंसी आउटलुक को स्थिर से घटाकर नेगेटिव कर दिया है. हालांकि, इश्यूअर डिफॉल्ट रेटिंग (आईडीआर) को BBB- पर बरकरार रखा था. यह निवेश का सबसे निचला ग्रेड है.