कोरोनावायरस से मृत्यु होने पर दावे को खारिज नहीं कर सकेंगी बीमा कंपनियां

कोरोनावायरस से मृत्यु होने पर दावे को खारिज नहीं कर सकेंगी बीमा कंपनियां

जीवन बीमा परिषद ने बीमाधारकों को राहत देते हुए बोला है कि सभी बीमा कंपनियां कोविड-19 के चलते हुई मृत्यु के दावों को खारिज नहीं कर सकतीं. इसके अतिरिक्त सरकारी व व्यक्तिगत दोनों तरह की बीमा कंपनियों को कोरोना वायरस से जुड़े डेथ क्‍लेम को जल्‍द से जल्‍द प्रोसेस करना होगा. नॉमिनी को डेथ बेनिफिट के तहत समएश्योर्ड का पूरा पैसा मिलेगा.

काउंसिल ने क्या कहा?
काउंसिल ने इस बारे में एक बयान जारी किया है. इसमें उसने बोला कि सार्वजनिक व व्यक्तिगत दोनों तरह की ज़िंदगी बीमा कंपनियां कोविड-19 से संबंधित किसी भी डेथ क्‍लेम के निपटान के लिए प्रतिबद्ध हैं. काउंसिल के अनुसार, कोविड-19 से मृत्यु के दावों के मुद्दे में 'फोर्स मैज्‍योर' का प्रावधान लागू नहीं होगा.

फोर्स मैज्‍योर क्‍लॉज क्‍या है?
फोर्स मैज्‍योर का आशय ऐसी अप्रत्याशित घटानाओं से है जब कॉन्‍ट्रैक्‍ट का पालन बाध्यकारी नहीं होता है. इनमें एक्‍ट ऑफ गॉड या प्राकृतिक आपदा, जंग या ऐसी स्थितियां, महामारी, हड़ताल इत्‍यादि शामिल हैं.

बीमा पॉलिसी प्रीमियम भरने के लिए दिया 30 दिन का अलावा समय
कोरोनावायरस के कारण हुए लॉकडाउन के कारण लोगों को हो रही कठिनाई को देखते हुए बीमा रेगुलेटर इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (इरडा) ने ज़िंदगी बीमा पॉलिसीधारकों को बड़ी राहत दी है. इरडा ने ज़िंदगी बीमा पॉलिसीधारकों को प्रीमियम भुगतान के लिए 30 दिन का व समय दिया है. इसका लाभ उन पॉलिसीधारकों जिनके नवीकरण की तारीख मार्च व अप्रैल में पड़ती है, उन्हें प्रीमियम भुगतान के लिए 30 दिन का अलावा समय मिलेगा.