लॉकडाउन में घरेलू आर्थिक गतिविधियां पड़ी मंद, 2020-21 जीडीपी वृद्धि दर निराशाजनक रहने की उम्मीद: भारतीय रिजर्व बैंक गवर्नर शक्तिकांत दास

लॉकडाउन में घरेलू आर्थिक गतिविधियां पड़ी मंद, 2020-21 जीडीपी वृद्धि दर निराशाजनक रहने की उम्मीद: भारतीय रिजर्व बैंक गवर्नर शक्तिकांत दास

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आज कई अहम घोषणाएं कीं. उन्होंने ये भी बोला कि लॉकडाउन की वजह से महंगाई बढ़ने की संभावना है. हालांकि, देश में रबी की फसल अच्छी हुई है व बेहतर मॉनसून व कृषि से बहुत ज्यादा उम्मीदें हैं. उन्होंने ये भी बोला कि चालू वित्तीय साल की जीडीपी ग्रोथ रेट नेगेटिव रह सकता है.

दास ने बोला कि चालू वित्त साल में महंगाई को लेकर भारी अनिश्चितता बनी रह सकती हैं. अगले कुछ महीने तक खाद्य पदार्थों की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव दिख सकता है. उन्होंने बोला कि अप्रैल में खुदरा महंगाई में तेजी देखी गई है. लॉकडाउन के कारण आपूर्ति प्रभावित होने से सब्जियों, फलों व खाद्य उत्पादों की कीमतों में आई तेजी के कारण खुदरा महंगाई में बढोतरी हुई है. खाद्य महंगाई अप्रैल में बढ़कर 8.6 प्रतिशत हो गई है.

महंगाई बढ़ने के मुख्य कारण

उत्पादन में कमी: 25 मार्च से देशभर में लॉकडाउन लगा दिया गया था, जिसके बाद से लगभग सभी फैक्ट्रियां, कंपनियां, लघु व मध्यम उघोग बंद हो गए थे. जिसके बाद से सभी चीजों के उत्पादन में कमी आई है. इस वजह से मंहगाई भी बढ़ रही है.

सप्लाई चेन बाधित: लॉकडाउन की वजह से देशभर में उत्पाद की सप्लाई चेन बाधित हुई है. जिसके चलते भी महंगाई बढ़ रही है. यदि सप्लाई चेन इसी तरह से बाधित रही तब महंगाई का स्तर व बढ़त जाएगा.

मॉनसून से कृषि को उम्मीदें

लॉकडाउन की वजह से महंगाई बढ़ने की संभावना के बीच शक्तिकांत दास ने बोला कि अनाजों की आपूर्ति एफसीआई से बढ़ानी चाहिए. देश में रबी की फसल अच्छी हुई है व बेहतर मॉनसून व कृषि से बहुत ज्यादा उम्मीदें हैं. अच्छी फसल के चलते खाद्य पदार्थों की आपूर्ति में आ रही कमी को पूरा किया जा सकता है. बता दें कि खरीफ की बुवाई में 44 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है.

2021-21 में जीडीपी रहेगी निगेटिव: दास

शक्तिकांत दास ने बोला कोरोनोसंकट के चलते देश की ही नहीं संसार की लगभग सभी इकोनॉमी को नुकसान पहुंचा है. अप्रैल में ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई में ऐतिहासिक गिरावट आई व ये 11 वर्ष के निचले स्तर पर पहुंच गई. इसकी चपेट भी भारतीय अर्थव्यवस्था भी आई है व यहां जीडीपी (ग्रॉस डोमिस्टिक प्रोडक्ट) में भारी गिरावट देखी जाएगी.

आरबीआई ने संभावना जताई है कि 2020-21 में हिंदुस्तान की जीडीपी नकारात्मक यानी निगेटिव रहेगी. ये देश की इकोनॉमी के लिए बेहद चिंताजनक समाचार है लेकिन इसके पीछे कोरोना संकट सबसे बड़ी वजह है. कोरोना संकट के चलते देश व संसार लगभग दो महीने लॉकडाउन में रही है. 2020-21 में जीडीपी के नकारात्मक रहने का अंदेशा है लेकिन दूसरी छमाही में कुछ रिकवरी आने की उम्मीद है.