बुजुर्गों के लिए बड़े कार्य का है Max Bupa ये हेल्थ इंश्योरेंस,जाने पूरी खबर

बुजुर्गों के लिए बड़े कार्य का है Max Bupa ये हेल्थ इंश्योरेंस,जाने पूरी खबर

नई दिल्ली: आज के प्रदूषण भरे माहौल व दूषित खानपान के चलते तमाम बीमारियां असमय अस्पताल का खर्च बढ़ाने के साथ ही मृत्यु का कारण बन रही हैं. मार्केट में जहां युवाओं व बच्चों के लिए हेल्थ या मेडिकल इंश्योरेंस के तमाम विकल्प हैं, बुजुर्गों के मुद्दे में यह तकरीबन ना के बराबर ही हैं. ऐसे में मैक्स बूपा का हेल्थ कंपेनियन फैमिली फ्लोटर हेल्थ इंश्योरेंस प्लान बुजुर्गों के लिए बहुत ज्यादा कार्य का साबित होने कि सम्भावना है.

चलिए बात करते हैं इस स्वास्थ्य बीमा की, तो यह व्यक्तिगत व परिवार जैसे दो बड़े विकल्पों में आता है. इस प्लान को 91 दिनों की आयु से ज्यादा का कोई भी आदमी ले सकता है व इसमें आयु की कोई सीमा नहीं है. वहीं, फैमिली हेल्थ इंश्योरेंस प्लान के भीतर इसमें माता-पिता, सास-ससुर, दादा-दादी, नाना-नानी, पति-पत्नी, पति-पत्नी व बच्चे, नाती-नातिन, पोता-पोती जैसे 19 रिश्तों को कवर किया जाता है. इस प्लान को भारतीय संयुक्त परिवार की जरूरतों को देखते हुए डिजाइन किया गया है.

यह बीमा प्लान दो तरह से परिवार को सुरक्षा प्रदान करता है. पहला व्यक्तिगत है जिसमें परिवार के सभी सदस्यों के लिए व्यक्तिगत रूप से एक निर्धारित रकम का बीमा प्रदान किया जाता है. जबकि दूसरा है फ्लोटर जिसमें इसी के भीतर परिवार के एक से ज्यादा सदस्यों को बीमा कवर मिल जाता है. मतलब कि व्यक्तिगत की तरह इसमें सभी के लिए भिन्न-भिन्न कवर लेने की जरूरत नहीं होती व इसमें मिलने वाला बीमा कवर भी ज्यादा बड़ा हो जाता है. व तो व फैमिली फ्लोटर प्लान अपेक्षाकृत सस्ता भी पड़ता है.

इस प्लान के प्रमुख फायदों में 3 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक का बीमा करवाने की सुविधा, दिन में भर्ती होने वाले सभी इलाज, अस्पतालों में कमरे के खर्च में किसी तरह की कोई बाध्यता नहीं (केवल सूट या उससे ऊपर के वर्गों को छोड़कर) होने के साथ ही उपचार से पहले व बाद का खर्च मिलना शामिल है. इस बीमा के भीतर देश भर के 3500 से ज्यादा नेटवर्क अस्पतालों में 30 मिनट के भीतर कैशलेस क्लेम की सुविधा भी मिलती है.

बीमा कराने के बाद एक वर्ष तक कोई क्लेम ना लिए जाने की स्थिति में अगले वर्ष बीमा रकम में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी जाती है, जो आगे भी आवश्यकता ना पड़ने तक प्रतिवर्ष 20 प्रतिशत के हिसाब से बढ़ती रहती है. हालांकि यह अधिकतम 100 प्रतिशत ही बढ़ सकती है. जबकि पॉलिसी के दूसरे वर्ष से स्वास्थ्य जाँच की भी सुविधा मिलती है.

इस बीमा के भीतर आयुष के तहत उपचार भी कराया जा सकता है, जिसमें आयुर्वेद, यूनानी, सिद्ध व होम्योपैथी का उपचार शामिल है. जबकि दो वर्ष का बीमा एक साथ लिए जाने पर दूसरे वर्ष के प्रीमियम में 12.50 प्रतिशत की छूट भी मिलती है.