एक जुलाई से अटल पेंशन योजना में बड़ा बदलाव

एक जुलाई से अटल पेंशन योजना में बड़ा बदलाव

अगर आप अटल पेंशन खाताधारक हैं तो आपके लिए ये जानना बहुत महत्वपूर्ण है कि एक जुलाई से सरकार ने अटल पेंशल योजना में क्या परिवर्तन करने का एलान किया है. एक जुलाई से अटल पेंशन योजना के खातों में से मासिक सहयोग का ऑटो डेबिट होना प्रारम्भ हो जाएगा.

पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ने बैंकों को अटल पेंशन योजना के ऑटो डेबिट को 30 जून तक रोकने का आदेश दिया था. जिसके आधार पर अब एक जुलाई से ऑटो डेबिट सुविधा एक बार फिर प्रारम्भ हो जाएगी. दरअसल अप्रैल में पीएफआरडीए ने कोरोना वायरस को देखते हुए ये निर्णय लिया था. इस स्कीम के तहत ज्यादातर सब्सक्राइबर्स समाज के निचले तबके हैं व कोरोना के बीच लॉकडाउन की वजह से ये लोग ज्यादा संकट का सामना कर रहे हैं. पीएफआरडीए के हाल ही के नोटिफिकेशन में बोला गया है कि जुर्माने का ब्याज उस स्थिति में नहीं लगेगा, जब सब्सक्राइबर की पेंशन स्कीम एकाउंट को 30 सितंबर 2020 से पहले नियमित किया जाता है. 

सामान्य तौर पर बैंकों की ओर से सहयोग में देरी होने पर जुर्माना इकट्ठा किया जाता है. अटल पेंशन स्कीम के आधिकारित बेवसाइट के अनुसार इसमें 100 रुपये प्रति महीने तक पर एक रुपये प्रति महीने का चार्ज है. इसके अतिरिक्त 101 रुपये व 500 रुपये के बीच पर दो रुपये प्रति महीना है.

501 रुपये व 1000 रुपये के बीच सहयोग होने पर पांच रुपये प्रति महीने का जुर्माना है. 1,001 रुपये को पार करने पर दस रुपये प्रति महीने का जुर्माना लगेगा. 

क्या है अटल पेंशन योजना?
अटल पेंशन की आरंभ देश के निर्बल वर्ग के लोगों को ध्यान में रखकर हुई थी. इसका मुख्य उद्देश्य ऐसे लोगों को बेहतर भविष्य देना था. इसमें 18-40 वर्ष का भारतीय आदमी सहयोग कर सकता है. अगर 18 वर्ष में 1000 रुपये से 5000 रुपये मासिक स्कीम के लिए योजना से जुड़ते हैं तो आपका सहयोग 42 रुपये प्रति माह से 210 रुपये प्रति माह से प्रारम्भ होगा.

अगर कोई सब्सक्राइबर 40 वर्ष की आयु में स्कीम लेता है तो उसे 291 रुपए से लेकर 1,454 रुपए प्रतिमाह तक का मासिक सहयोग करना होगा. आयु बढ़ने के साथ साथ आंशिक सहयोग उसी अनुपात में बढ़ता जाएगा.