वाह रे पटना पुलिस, बहस करना पड़ा भारी; कार में बैठीं रही महिलाएं और बच्‍ची, क्रेन से उठवा ली गाड़ी

वाह रे पटना पुलिस, बहस करना पड़ा भारी; कार में बैठीं रही महिलाएं और बच्‍ची, क्रेन से उठवा ली गाड़ी

पटना पुलिस आपकी सेवा में.. य‍े बातें पुलिस की हर गाड़ी पर लिखी होती हैं। लेकिन पुलिस के कुछ लोग इन सिद्धांतों को भूल जाते हैं। वे तो यह भी भूल जाते हैं कि उनके आला अधिकारी ने क्‍या निर्देश दे रखा है। पटना के बोरिंग रोड इलाके में पुलिस ने ऐसा किया जो शर्मसार करने जैसा है। गुरुवार को नो पार्किंग जोन में खड़ी एक कार को पुलिस ने क्रेन से उठवा लिया। इतना तक तो ठीक था लेकिन इसमें अमानवीय पहलू यह कि उसमें उस वक्‍त दो महिलाएं और एक नन्‍हीं बच्‍ची बैठी थीं। 

कार की पिछली सीट पर बैठी थीं दो महिलाएं व एक बच्‍ची 

बताया जाता है कि बोरिंग रोड इलाके में कुमार टावर के सामने नो पा‍र्किंग एरिया में एक कार लगी थी। ट्रैफिक पुलिस उस दौरान ही अभियान चला रही थी। इसी क्रम में पुलिस की नजर उस कार पर पड़ी जो नाे पार्किंग एरिया में लगी थी। पुलिस ने पहले कार वहां से हटाने का अनुरोध किया। लेकिन बताया जाता है कि कार मालिक पुलिस वाले से उलझ गए। और कार से नीचे उतर गए। कार की पिछली सीट पर दो महिलाएं और एक बच्‍ची बैठी थी। पुलिस वाले ने भी आव देखा न ताव, क्रेन चालक से कार उठवा दिया। कार के अगले हिस्‍से में हैंगर लगाकर चालक ने कार उठा लिया।  इस संबंध में पूछने पर ट्रैफिक एसपी अमरकेश डी ने बताया कि कार की वजह से वहां पर जाम की स्थिति हो रही थी। झगड़ा न कर कार मालिक को पुलिस को सहयोग करना चाहिए था। लेकिन उन्होंने ऐसा नही किया। यदि कार को सड़क से नहीं हटाया जाता तो भारी जाम लग जाता। 


ट्रैफिक आइजी ने एक सप्‍ताह पूर्व ही लिखा था पत्र

बिहार के ट्रैफिक आइजी एमआर नायक (Traffic IG MR Nayak) ने करीब सप्‍ताह भर पहले ट्रैफिक पुलिस की कार्यशैली को लेकर निर्देश जारी किया था। कहा था कि ट्रैफिक पुलिस आम लोगों से अच्‍छ व्‍यवहार नहीं कर रही है। इस कारण से आम लोगों में क्षोभ है। इस कारण विधि व्‍यवस्‍था की समस्‍या की उत्‍पन्‍न होने की आशंका उन्‍होंने जताई थी। कहा था कि उन्‍हें विभिन्‍न स्‍तरों से ट्रैफिक पुलिस की शिकायतें मिलती रहती हैं। सभी जिले को भेजे गए पत्र में ट्रै‍फिक आइजी ने लिखा कि वाहन चेकिंग के दौरान धैर्य का परिचय दें। आमलोगों को संतुष्‍ट करते हुए एमवी एक्‍ट के अनुरूप कार्रवाई करें। उन्‍होंने एसपी को निर्देश दिया था कि ड्यूटी पर जाने से पहले यातायात पुलिस कर्मी व अधिकारियों को ब्रीफ जरूर करें कि आम जन से कैसा व्‍यवहार करना है।  


समस्तीपुर में नामांकन के दौरान रुपये बांट रहे निवर्तमान मुखिया का वीडियो वायरल

समस्तीपुर में नामांकन के दौरान रुपये बांट रहे निवर्तमान मुखिया का वीडियो वायरल

पटोरी प्रखंड कार्यालय परिसर में एक निवर्तमान मुखिया के द्वारा नामांकन के पश्चात सरकारी कर्मी और पुलिसकर्मियों के बीच रुपये बांटने का वीडियो वायरल हुआ है। वायरल वीडियो इंटरनेट मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। इसे काफी तेजी से शेयर किया जा रहा है तथा कई प्रकार के कमेंट्स भी आ रहे हैं। हालांकि दैनिक जागरण इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है किंतु इसकी शिकायत पटोरी के प्रखंड विकास पदाधिकारी सह निर्वाचन अधिकारी को लिखित रूप से मिली है। शिकायत मिलने के पश्चात प्रखंड विकास पदाधिकारी ने इस मामले की छानबीन का जिम्मा पटोरी के सीओ सह नोडल पदाधिकारी विकास कुमार को सौंप दिया है।


वायरल वीडियो में स्पष्ट दिखाया गया है कि पटोरी प्रखंड के हरपुर सैदाबाद के निवर्तमान मुखिया अवधेश राय नामांकन के पश्चात प्रखंड कार्यालय परिसर में स्थित मंदिर में पूजा अर्चना के पश्चात पुलिस और सरकारी कर्मियों तथा वहां मौजूद लोगों के बीच 500 रुपए के नोट बांटते नजर आ रहे हैं। इस संबंध में पूछे जाने पर पटोरी के अंचल पदाधिकारी विकास कुमार ने बताया की वायरल वीडियो तथा मिली शिकायत के पश्चात अभ्यर्थी के विरुद्ध आचार संहिता के उल्लंघन की प्राथमिकी पटोरी थाने में दर्ज कराई गई है।

 
बिना नामांकन कराए बैरंग लौटी महिला मुखिया प्रत्याशी

वारिसनगर। प्रखंड में शनिवार से शुरू हुए नामांकन प्रक्रिया में तब अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई। जब मोहिउद्दीनपुर पंचायत से नामांकन करने आयी एक महिला प्रत्याशी को प्रखंड विकास पदाधिकारी सह प्रखंड निर्वाची पदाधिकारी रंजीत कुमार वर्मा ने बिना नामांकन कराए बैरंग वापस कर दिया। उनका बताना था कि उक्त पंचायत से अंशु कुमारी पति आशीष आनंद मुखिया पद से नामांकन करने आयी थी। परंतु उनके द्वारा प्रस्तुत कागजात में जन्मतिथि 30 अगस्त 2001 होने पर निर्वाचन के लिए तय उम्र सीमा 21 वर्ष की अहर्ता पूर्ण नही करने के कारण उसके नामांकन पत्र को वापस कर दिया गया। बताया गया कि बीडीओ ने कहा कि उम्र 20 साल ही पूरा हो रहा है। ऐसे में नामांकन के बाद भी वह रद हो जाएगा। इस पर प्रत्याशी बिना नामांकन किए हुए वापस लौट गई।