स्टांप की किल्लत को लेकर नवादा में लोगों ने किया सड़क जाम, वेंडरों पर लगाया कालाबाजारी का आरोप

स्टांप की किल्लत को लेकर नवादा में लोगों ने किया सड़क जाम, वेंडरों पर लगाया कालाबाजारी का आरोप

न्यायिक स्टांप की किल्लत और कालाबाजारी का आरोप लगाते हुए लोगों ने व्यवहार न्यायालय के समीप पथ को जाम कर दिया। सड़क जाम करने वाले लोग त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव लड़ने वाले हैं। दरअसल, नामांकन के लिए शपथ पत्र दाखिल करना होता है, जिसमें न्यायिक स्टांप का इस्तेमाल किया जाता है। जाम कर रहे लोगों का कहना था कि उन्हें सुलभ तरीके से स्टांप नहीं मिल रहा है। वहीं, बाजार में ऊंची कीमत पर उपलब्ध है। बता दें कि इन दिनों जिले में पंचायत चुनाव जारी है। एक अभ्यर्थी को नामाकंन दाखिल करने में चार शपथ पत्र की आवश्यकता होती है। एक शपथपत्र पर सौ रूपये का स्टांप लगाने का प्रावधान है। इसके अलावा 25 रुपये का अधिवक्ता वेल्फेयर का स्टांप लगाना अनिवार्य है।

न्यायिक स्टांप बिक्री को लेकर व्यवहार न्यायालय परिसर में जिले में एक ही कांउटर अवस्थित है। चुनाव के शुरूआती चरणों में किसी तरह स्टांप की मांग पूरी की गई। लेकिन चुनाव लडऩे वाले लोगों की संख्या अधिक रहने के कारण स्टांप की मांग काफी बढ़ गई है। काउंटर से सीमित संख्या में स्टांप की आपूर्ति की जाती है। कई बार तकनीकी समस्या के चलते स्टांप मिलना बंद हो जाता है। जिससे लोगों को परेशानी हो रही है। वहीं स्टांप का डिमांड बढऩे के साथ ही कालाबाजारी भी शुरू कर दी गई है। लोगों का आरोप है कि काउंटर पर बैठे कर्मी अपने चहेतों को हजारों रुपये का स्टांप उपलब्ध करा कर नाजायज आमदनी में लगे हुए हैं। वहीं नाजायज तरीके से स्टांप प्राप्त करने वाले लोग कालाबाजारी करने में जुटे हुए हैं। सौ रुपये का स्टांप चार सौ रुपये मिल रहा है।

वारिसलीगंज के कुंभी निवासी सुनील कुमार, सुनीता कुमारी, लक्ष्मीपुर निवासी संजू देवी, जगदीशपुर निवासी सुनी चौधरी आदि ने बताया कि पिछले कई दिनों से स्टांप के लिए व्यवहार न्यायालय परिसर का चक्कर लगा रहे हैं। लेकिन स्टांप उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। मंगलवार को स्टांप बिक्री करने का आश्वासन दिया गया था। लेकिन कुछ समय के लिए काउंटर को खोलने के बाद बंद कर दिया गया। गांव से आने-जाने में काफी परेशानी हो रही है, लेकिन उनकी समस्या की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जाम की सूचना मिलने पर पुलिस वहां पहुंची और समझा-बुझाकर लोगों का हटाया और आवागमन को सुचारू कराया।


एकमात्र काउंटर की वजह से हो रही परेशानी

न्यायिक स्टांप की बिक्री को लेकर व्यवहार न्यायालय परिसर में एकमात्र काउंटर है। अदालती कार्य दिवस में छोटे छोटे स्टांप को ङ्क्षप्रट कर आपूर्ति की जाती है। वहीं रजौली अनुमंडल न्यायालय में स्टांप बिक्री की कोई व्यवस्था नहीं है। इसलिए पूरे जिले का बोझ एक ही काउंटर पर आ गिरता है। हालांकि जब यह व्यवस्था शुरू हुई थी, तब दो काउंटर बनाया गया था। लेकिन कुछ ही दिन बाद एक कांउटर बंद हो गया।


नोटरी टिकट की जिला में नहीं है आपूर्ति

वस्तुत: कोई भी वैसा शपथपत्र जो नोटरी के समक्ष निष्पादित किया जाता है, उक्त शपथपत्र में नोटरी स्टांप लगाने का प्रावधान है। जिला में नोटरी टिकट की आपूर्ति पिछले कई दशक से बंद है। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत लोग कोर्ट फी स्टांप का उपयोग शपथपत्र में करते आ रहे हैं। जिसकी भी आपूर्ति सही नहीं है।

दूसरे जिला से भी लाया जाता है स्टांप


जिले में आपूर्ति से अधिक मांग होने पर निकटवर्ती जिला नालन्दा व गया से भी स्टांप लाकर नवादा में बिक्री की जाती है। हालांकि वह वैध स्टांप होता है, लेकिन इस धंधा में लगे लोगों को मोटी कमाई होती है।

रजौली में नहीं है स्टांप बिक्री केन्द्र

रजौली अनुमंडल बनने के बाद भी कई कमियों का सामना करने को विवश है। रजौली में अनुमंडल न्यायालय व भूमि बिक्री निबंधन कार्यालय खोला गया। लेकिन स्टांप के बिक्री की व्यवस्था नहीं की गई। अनुमंडल न्यायालय के अधिवक्ता सुनील कुमार ने बताया कि कुछ दिन पहले रजौली अनुमंडल पदाधिकारी से स्टांप की किललत को लेकर बात हुई थी। उन्होंने नवादा निबंधन कार्यालय के सब रजिस्ट्रार से बात भी की थी। तब कहा गया था कि जहां प्रत्येक माह 30 लाख से अधिक के स्टांप की बिक्री होगी, वहीं स्टांप ब्रिकी केन्द्र खोले जाने का प्रावधान है।


समस्तीपुर में नामांकन के दौरान रुपये बांट रहे निवर्तमान मुखिया का वीडियो वायरल

समस्तीपुर में नामांकन के दौरान रुपये बांट रहे निवर्तमान मुखिया का वीडियो वायरल

पटोरी प्रखंड कार्यालय परिसर में एक निवर्तमान मुखिया के द्वारा नामांकन के पश्चात सरकारी कर्मी और पुलिसकर्मियों के बीच रुपये बांटने का वीडियो वायरल हुआ है। वायरल वीडियो इंटरनेट मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। इसे काफी तेजी से शेयर किया जा रहा है तथा कई प्रकार के कमेंट्स भी आ रहे हैं। हालांकि दैनिक जागरण इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है किंतु इसकी शिकायत पटोरी के प्रखंड विकास पदाधिकारी सह निर्वाचन अधिकारी को लिखित रूप से मिली है। शिकायत मिलने के पश्चात प्रखंड विकास पदाधिकारी ने इस मामले की छानबीन का जिम्मा पटोरी के सीओ सह नोडल पदाधिकारी विकास कुमार को सौंप दिया है।


वायरल वीडियो में स्पष्ट दिखाया गया है कि पटोरी प्रखंड के हरपुर सैदाबाद के निवर्तमान मुखिया अवधेश राय नामांकन के पश्चात प्रखंड कार्यालय परिसर में स्थित मंदिर में पूजा अर्चना के पश्चात पुलिस और सरकारी कर्मियों तथा वहां मौजूद लोगों के बीच 500 रुपए के नोट बांटते नजर आ रहे हैं। इस संबंध में पूछे जाने पर पटोरी के अंचल पदाधिकारी विकास कुमार ने बताया की वायरल वीडियो तथा मिली शिकायत के पश्चात अभ्यर्थी के विरुद्ध आचार संहिता के उल्लंघन की प्राथमिकी पटोरी थाने में दर्ज कराई गई है।

 
बिना नामांकन कराए बैरंग लौटी महिला मुखिया प्रत्याशी

वारिसनगर। प्रखंड में शनिवार से शुरू हुए नामांकन प्रक्रिया में तब अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई। जब मोहिउद्दीनपुर पंचायत से नामांकन करने आयी एक महिला प्रत्याशी को प्रखंड विकास पदाधिकारी सह प्रखंड निर्वाची पदाधिकारी रंजीत कुमार वर्मा ने बिना नामांकन कराए बैरंग वापस कर दिया। उनका बताना था कि उक्त पंचायत से अंशु कुमारी पति आशीष आनंद मुखिया पद से नामांकन करने आयी थी। परंतु उनके द्वारा प्रस्तुत कागजात में जन्मतिथि 30 अगस्त 2001 होने पर निर्वाचन के लिए तय उम्र सीमा 21 वर्ष की अहर्ता पूर्ण नही करने के कारण उसके नामांकन पत्र को वापस कर दिया गया। बताया गया कि बीडीओ ने कहा कि उम्र 20 साल ही पूरा हो रहा है। ऐसे में नामांकन के बाद भी वह रद हो जाएगा। इस पर प्रत्याशी बिना नामांकन किए हुए वापस लौट गई।