यात्री किराया में वृद्धि से लोग परेशान, मनमाना भाड़ा वसूली को लेकर नवादा प्रशासन ने साध ली चुप्‍पी

यात्री किराया में वृद्धि से लोग परेशान, मनमाना भाड़ा वसूली को लेकर नवादा प्रशासन ने साध ली चुप्‍पी

बस यात्री किराया में वृद्धि से कोरोना महामारी से परेशान लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। पेट्रोल डीजल के दामों में वृद्धि का असर यात्री किराया पर पड़ा है। बस किराया के साथ-साथ माल ढुलाई का भी भाड़ा बढ़ गया है, जिसके कारण महंगाई भी बढ़ रही है। पकरीबरावां के मोहन विगहा में नवादा-जमुई पथ पर ही वाहन पड़ाव है। यहां से प्रतिदिन दर्जनों बसें पकरीबरावां से पटना, नवादा, शेखपुरा, जमुई, झारखंड समेत विभिन्न शहरों के लिए खुलती है। जहां से प्रखंड के बाजार व ग्रामीण इलाके के सैंकड़ों यात्री प्रतिदिन वाहनों में सफर करते हैं। लेकिन वाहनों का किराया में अप्रत्याशित वृद्धि होने से यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। किराया को लेकर यात्रियों व वाहन संचालक के बीच नोंकझोक तो आम बात है।

वाहन संचालक डीजल मूल्य वृद्धि की बात कहकर मनमानी तरीके से किराया वसूल कर रहे हैं। परिवहन विभाग द्वारा बस पड़ाव में किराया निर्धारण की सूची भी नहीं लगाई गई है। इसके कारण यात्रियों को किराया दर का पता नहीं चल पा रहा है। अधिकारियों द्वारा वाहन संचालकों के खिलाफ कोई कार्रवाई भी नहीं किया जा रहा है। ऐसे में वाहन संचालकों की मनमौजी है।


यात्रियों से मनमाना किराया की वसूली

बस, टेंपो, टैक्सी या अन्य वाहनों के संचालक यात्रियों से मनमाना किराया वसूल रहे है। मांग के अनुरूप किराया नहीं देने पर अपशब्द बोलने से भी बाज नहीं आते। पकरीबरावां निवासी चंदन कुमार ने बताया कि कुछ दिन पूर्व सुबह में पटना के लिए पकरीबरावां से बस पर बैठा और रास्ते में बस कंडक्टर ने 250 रुपये किराया मांगा। पूछने पर बताया कि प्रशासन ने 50 प्रतिशत ही सवारी लेने को कहा गया है इसलिए किराया दुगुना लगेगा। जब चंदन ने बताया कि बस तो भरी है कुछ लोग बस में खड़े होकर भी जा रहे हैं, इसपर कंडक्टर ने उन्हें उतर जाने या मांगी गई रकम देने को कहा।

इसी तरह वारिसलीगंज से कुछ महिला एएनएम सहित अन्य यात्री पकरीबरावां आने के लिए लोकल सवारी गाड़ी बैठे तो 30 रुपये प्रति यात्री की मांग की। जब इन्होंने अपनी असमर्थता जताई तो उन्हीं गाड़ी से उतरने कहा गया। यात्री सोनू, विवेक, कंचन ने बताया कि किराया निर्धारण व इसका प्रचार-प्रसार जरूरी हो गया है।

20 से 25 प्रतिशत बस किराए में वृद्धि

प्रतिदिन 10 पैसे 20 पैसे की गति से बढ़ रहा डीजल का दाम 95.56 रुपये पहुंच गया। वहीं पेट्रोल 104.86 रुपये भी पार कर गया। डीजल के दाम बढऩे से बस किराया में 20 से 25 प्रतिशत की भी वृद्धि हो गयी है। हालांकि प्रशासन की तरफ से कोई बढ़ोतरी को लेकर गाइड लाइन जारी नहीं किया गया है। लेकिन वाहन प्रबंधन ने बैठक कर किराए में बढ़ोतरी कर दी है।

 
पकरीबरावां से झारखंड का किराया 250 की जगह 400 रुपये

कोरोना संक्रमण की रफ्तार कमने के बाद लोग जरूरी काम, डॉक्टर या दूसरे प्रदेश रोजीरोटी को लेकर निकल रहे हैं। झारखंड के रांची शहर में मानसिक रोगियों का अस्पताल है तो वहीं जमशेदपुर, कोलकाता  लोग व्यापार या कमाने को लेकर जा रहे हैं। लाकडाउन समाप्त होने के बाद झारखंड जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ गई है। पकरीबरावां से रांची का किराया पूर्व में 230 रुपये था। लेकिन इस समय प्रति यात्री 400 रुपये वसूला जा रहा है। पकरीबरावां से टाटा का भी किराया 400 की जगह 600 रुपये एवं पकरीबरावां से धनबाद का किराया 350 की जगह 400 रुपये तो वहीं पकरीबरावां से कोलकाता के लिए 350 की जगह 520 रुपये लिया जा रहा है।


वाह रे पटना पुलिस, बहस करना पड़ा भारी; कार में बैठीं रही महिलाएं और बच्‍ची, क्रेन से उठवा ली गाड़ी

वाह रे पटना पुलिस, बहस करना पड़ा भारी; कार में बैठीं रही महिलाएं और बच्‍ची, क्रेन से उठवा ली गाड़ी

पटना पुलिस आपकी सेवा में.. य‍े बातें पुलिस की हर गाड़ी पर लिखी होती हैं। लेकिन पुलिस के कुछ लोग इन सिद्धांतों को भूल जाते हैं। वे तो यह भी भूल जाते हैं कि उनके आला अधिकारी ने क्‍या निर्देश दे रखा है। पटना के बोरिंग रोड इलाके में पुलिस ने ऐसा किया जो शर्मसार करने जैसा है। गुरुवार को नो पार्किंग जोन में खड़ी एक कार को पुलिस ने क्रेन से उठवा लिया। इतना तक तो ठीक था लेकिन इसमें अमानवीय पहलू यह कि उसमें उस वक्‍त दो महिलाएं और एक नन्‍हीं बच्‍ची बैठी थीं। 

कार की पिछली सीट पर बैठी थीं दो महिलाएं व एक बच्‍ची 

बताया जाता है कि बोरिंग रोड इलाके में कुमार टावर के सामने नो पा‍र्किंग एरिया में एक कार लगी थी। ट्रैफिक पुलिस उस दौरान ही अभियान चला रही थी। इसी क्रम में पुलिस की नजर उस कार पर पड़ी जो नाे पार्किंग एरिया में लगी थी। पुलिस ने पहले कार वहां से हटाने का अनुरोध किया। लेकिन बताया जाता है कि कार मालिक पुलिस वाले से उलझ गए। और कार से नीचे उतर गए। कार की पिछली सीट पर दो महिलाएं और एक बच्‍ची बैठी थी। पुलिस वाले ने भी आव देखा न ताव, क्रेन चालक से कार उठवा दिया। कार के अगले हिस्‍से में हैंगर लगाकर चालक ने कार उठा लिया।  इस संबंध में पूछने पर ट्रैफिक एसपी अमरकेश डी ने बताया कि कार की वजह से वहां पर जाम की स्थिति हो रही थी। झगड़ा न कर कार मालिक को पुलिस को सहयोग करना चाहिए था। लेकिन उन्होंने ऐसा नही किया। यदि कार को सड़क से नहीं हटाया जाता तो भारी जाम लग जाता। 


ट्रैफिक आइजी ने एक सप्‍ताह पूर्व ही लिखा था पत्र

बिहार के ट्रैफिक आइजी एमआर नायक (Traffic IG MR Nayak) ने करीब सप्‍ताह भर पहले ट्रैफिक पुलिस की कार्यशैली को लेकर निर्देश जारी किया था। कहा था कि ट्रैफिक पुलिस आम लोगों से अच्‍छ व्‍यवहार नहीं कर रही है। इस कारण से आम लोगों में क्षोभ है। इस कारण विधि व्‍यवस्‍था की समस्‍या की उत्‍पन्‍न होने की आशंका उन्‍होंने जताई थी। कहा था कि उन्‍हें विभिन्‍न स्‍तरों से ट्रैफिक पुलिस की शिकायतें मिलती रहती हैं। सभी जिले को भेजे गए पत्र में ट्रै‍फिक आइजी ने लिखा कि वाहन चेकिंग के दौरान धैर्य का परिचय दें। आमलोगों को संतुष्‍ट करते हुए एमवी एक्‍ट के अनुरूप कार्रवाई करें। उन्‍होंने एसपी को निर्देश दिया था कि ड्यूटी पर जाने से पहले यातायात पुलिस कर्मी व अधिकारियों को ब्रीफ जरूर करें कि आम जन से कैसा व्‍यवहार करना है।