वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में भी अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर उत्साह का माहौल

वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में भी अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर उत्साह का माहौल

बगहा (वाल्मिकीनगर)एक घंटा पहले

आज VTR में होगा बाघों की संख्या का ऐलान

वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में भी अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर उत्साह का माहौल है वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में बाघों का कुनबा तेजी से बढ़ रहा है. अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर वाल्मीकि टाईगर रिजर्व प्रशासन की ओर से अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं स्कूली बच्चों के साथ ही सुरक्षा प्रहरियों को भी बाघों के प्रति जागरूकता की जिम्मेवारी सौंपी गई है.

बाघों की आंकड़ों की बात करें तो कभी हाशिए पर रहने वाले बिहार के इस अभ्यारण में बाघों की संख्या बढ़कर 50 को पार कर गया है. हालांकि बाघों की गणना का आंकड़ा अभी पीएमओ ऑफिस से जारी नहीं हुआ है. जिसे लेकर अधिकारी अभी परफेक्ट आंकड़ा बताने से परहेज कर रहे हैं. आज वर्ल्ड टाइगर डे के दिन 2018 के चार सालों बाद एक मर्तबा फिर वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व में बाघों की संख्या का नया आंकड़ा हिंदुस्तान गवर्नमेंट द्वारा जारी किया जाएगा. बाघों की संख्या 50 से ऊपर जाएगी जो कि राष्ट्र समेत बिहार के लिए एक बड़ी अच्छी खबर है.

1994 में घोषित हुआ था टाइगर रिजर्व

वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व 1978 में वाइल्ड लाइफ सैंक्चुरी के नाम से जाना जाता था जिसको 1994 में टाइगर रिज़र्व घोषित किया गया और इसका नाम वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व पड़ा. जिसके बाद बाघों की संख्या में लगातार वृद्धि देखने को मिला है. साल 2018 से 2020 के बीच में बाघों की संख्या 40 थी जो कि अब बढ़कर 2022 में 50 से अधिक पहुंच जाएगी.

आसानी से नजर आएंगे बाघ

वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व पर्यटकों के लिए भी एक बेहतर साबित हुआ है. इसका सबसे बड़ा प्रमाण प्रत्येक साल पर्यटकों की बढ़ती संख्या है. बाघों की संख्या में वृद्धि होने के बाद पर्यटकों को और सरलता से बाघ नजर आ सकेंगे VTR का हैबिटेट वन्य जीवों को काफी भाता है. इसके कारण यहां बाघों को सरलता से शिकार मिल जाता है. सीएफ नेशामणि के ने बताया कि ग्रासलैंड का दायरा बढ़ाकर बाघों की संख्या बढ़ाने और उनके संरक्षण की दिशा में जो कोशिश किया गया उसी का नतीजा है कि बाघों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है.